क्या कानून से ऊपर है बाबा रामदेव? योग ग्राम में इक्कठा हुए 100 से ज्यादा लोग, उड़ाई गई कोरोना कर्फ्यू की धज्जियां


RIGHT DESK


उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित योग गुरु बाबा रामदेव के योग ग्राम में रोजाना 100 से ज्यादा लोगों को एकत्रित कर योग सिखाने पर सवाल उठने लगे हैं। जहां पूरे उत्तराखंड में कोरोना कर्फ्यू लगा है और इसका उल्लंघन करने पर लोगों के चालान कर उनसे अच्छी खासी रकम वसूली जा रही है, साथ ही लोगों के नियमों का उल्लंघन पर डंडों से उनको सबक सिखाने में भी पुलिस पीछे नहीं है, वहीं बाबा रामदेव के लिए कोई नियम-कानून नहीं है।

बाबा रामदेव कोविड-19 की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए योग ग्राम में 100 से ज्यादा लोगों को इकट्ठा कर प्रतिदिन सुबह 5 से 8 बजे तक योग करवा रहे हैं। इस योग का बाबा रामदेव रोज सुबह 5 से 8 बजे तक अपने निजी चैनल आस्था पर लाइव प्रसारण करते हैं।

कोविड प्रोटोकॉल के तहत सरकार एक जगह पर इतनी भीड़ एकत्रित करने की इजाजत किसी को नहीं देती, तो ऐसे में इस आयोजन को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी और एसएसपी के कार्यालय के नजदीक बना योग ग्राम में ऐसा कैसे होने दिया जा रहा है।

सवाल यह भी है कि क्या बाबा ने इन सब लोगों को जुटाने की कोई परमिशन ली है? इस योग कार्यक्रम में मास्क की बात करना तो बेमानी-सा लगता है। क्योंकि, कोई यहां मास्क पहने नजर नहीं आता है।

इस पर तुर्रा यह है कि बाबा रामदेव अपने भक्तों से यह शेखी भी बघारते दिख जाते हैं कि पूरे देश में भले ही लॉकडाउन हो, लेकिन देश का एकमात्र ऐसा गांव हैं जहां पर किसी तरह का कोई लॉकडाउन नहीं है। समर्थकों से बाबा यह भी कहते सुने जा रहे हैं कि अगले 100 सालों तक बाबा रामदेव को कोविड-19 क्या कोई भी बीमारी छू भी नहीं सकती।

इससे साफ है कि बाबा स्वयं को कानून से ऊपर समझते हैं और जो प्रशासन आम लोगों को जरा-जरा सी बाट पर डंडे बरसाता है और कुछ भी भूल होने पर चालन कार उनसे भारी-भरकम राशि वसूलता है वही बाबा की इन हरकतों को नजरअंदाज कर रहा है।

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