अगस्त 2023 में भक्तों के लिए खुल सकता है राम मंदिर का गर्भ गृह, 10 सितंबर तक पूरा होगा नीव का काम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां योगी सरकार मंदिर निर्माण की उपलब्धियों को लेकर चुनावी यात्रा निकालने की तैयारी कर रही है वहीं दूसरी तरफ मंदिर निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है।

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि ट्रस्ट का प्रयास है कि अगस्त 2023 के बाद रामलला का गर्भ गृह रामभक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। गर्भगृह तैयार करने के लिए जितनी मात्रा में तराशे गए पत्थरों की आवश्यकता होगी उतना हमारे पास मौजूद हैं। बाकी पत्थरों को भी तराशने का काम चल रहा है।

अनिल मिश्र ने वन इंडिया डॉट काम से विशेष बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की नींव का काम अब 95 फीसदी पूरा हो चुका है । मंदिर की नींव की 40 लेयर में फिंलिंग हो चुकी है अब केवल 4 लेयर और ढ़ालनी है जो सितंबर के पहले हफ्ते तक पूरी कर ली जाएगी

अनिल मिश्र ने कहा कि,

” अब तक साढे नौ मीटर नींव की भराई का काम पूरा हो चुका है जबकि 12 मीटर नींव की भराई होनी है। एक बार फाउंडेशन का काम पूरा होने के बाद राफिटिंग का काम शुरू होगा। नींव भराई का काम दस सितम्बर तक पूरा होने की उम्मीद है। उसके बाद दूसरे स्तर का काम शुरू किया जाएगा।”

अनिल मिश्र कहते हैं कि, ”मंदिर के गर्भगृह में राम लला को दिसंबर 2023 के अंतिम सप्‍ताह में स्‍थापित करने के लक्ष्‍य से मंदिर निर्माण का कार्य सिलसिलेवार करवाया जा रहा है। अब सितंबर में नींव का प्‍लेट फार्म तैयार होने के बाद इसकी उपरी सतह पर राफ्ट डालने का काम शुरू होगा। करीब डेढ़ मीटर मोटी राफ्ट डालने में करीब एक माह का समय लगेगा। उन्‍होंने बताया कि अक्‍टूबर तक राफ्ट की मोटी परत डालने के बाद पत्‍थरों का काम बेस प्लिंथ के निर्माण से शुरू होगा।”

गर्भगृह के लिए पत्थरों की तराशी का काम पूरा

डा मिश्र के मुताबिक ट्रस्ट की कोशिश है कि रामलला के गर्भगृह को रामभक्तों के लिए जल्द से जल्द खोल दिया जाए। गर्भगृह के लिए हमारे पास तराशे गए पत्थर मौजूद हैं। जितने पत्थरों की संख्या की जरूरत होगी उतने हमारे पास है। इसके अलावा बाकी जगहों पर पत्थरों को तराशे जाने का काम चल रहा है। राजस्‍थान सरकार की सहमति वंशीपहाड़पुर से पत्‍थरों को लाने की मिल गई है । अब कागजी कार्रवाई चल रही है । पत्‍थरों की खरीद के लिए कार्यदाई कंपनी ने टेंडर प्रकाशित कर दिया है। पुरानी मंदिर कार्यशाला में 45 हजार घनफुट पत्‍थर पहले से तराश कर रखे हैं। कुल 12 लाख घन फुट पत्थर मंदिर के निर्माण में लगेंगे।

शनिवार को हुई थी मंदिर निर्माण समिति की बैठक

हालांकि राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शनिवार को हुई थी जिसमें इस बात पर मंथन किया गया था कि नींव का काम पूरा होने के बाद मंदिर निर्माण के कई कार्य एक साथ शुरू किए जाएं। इस बैठक के बारे में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जानकारी दी गई थी कि मंदिर की नींव का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। अक्टूबर के अंत में प्लिंथ का निर्माण पत्थरों से शुरू होगा जिसमें मीरजापुर के 4 लाख घनफुट पत्थर लगेंगे। अब पत्थरों की फिटिंग,के साथ रिटेनिंग वाल ,परकोटा व ग्रेनाइट लगाने का काम भी एक साथ चलेगा।

तिरुपति बालाजी मंदिर प्रशासन से जानकारी ले रहा ट्रस्ट

मंदिर निर्माण समिति की बैठक में 70 एकड़ के पूरे राम जन्मभूमि परिसर को राष्ट्रीय पर्यावरण मानकों के मुताबिक बनाने पर भी मंथन किया गया। जिससे अगर सामान्य स्थिति में करीब एक लाख व विशिष्ट परिस्थितियों में 5लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने पर दुर्घटना रहित व्यवस्था बनाई जा सके। तिरूपति बालाजी मंदिर में भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था कैसी है इस पर वार्ता हुई।

पांच अगस्त 2020 को पीएम मोदी ने रखी थी आधार शिला

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की पहली ईंट रखी थी। भूमि पूजन कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने पारिजात का पौधा लगाया था। पूरे कार्यक्रम के दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास समेत सिर्फ पांच लोग मंच पर मौजूद थे। इस भव्य कार्यक्रम के लिए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें 36 आध्यात्मिक परंपराओं से संबंध रखने वाले 135 संत भी शामिल थे।

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