तीन साथियों के साथ कार में आया और पति को धक्का देकर पुलिस सुरक्षा से दुष्कर्म पीड़िता को ले गया आरोपी

बागपत। पुलिस सुरक्षा में मेडिकल के लिए जिला अस्पताल जा रही महिला को आरोपी अपने तीन साथियों के साथ मिलकर कार में डालकर ले गया। कलक्ट्रेट के सामने हुई वारदात से हड़कंप मच गया। जिले भर में चेकिंग शुरू कर दी गई। महिला को पांच घंटे बाद बरामद कर लिया गया।

बालैनी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला के साथ परिवार के ही युवक ने सोमवार रात को घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पीड़ित महिला को मंगलवार सुबह कांस्टेबल मंजू यादव के साथ मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। पीड़ित महिला का पति भी उनके साथ था।

आरोप है कि कलक्ट्रेट के पास जिला अस्पताल वाले रास्ते पर पहले से ही इको कार खड़ी हुई थी। पीड़िता जैसे ही ई-रिक्शा से वहां पहुंची, तभी कार से उतरकर चार लोगों ने महिला को खींच लिया। उसके पति को धक्का दिया और महिला को लेकर बड़ौत की ओर भाग गए।

दुष्कर्म पीड़िता के अपहरण की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। जिलेभर में चेकिंग अभियान चलाया गया। एएसपी मनीष कुमार मिश्र, सीओ अनुज मिश्र, कोतवाली प्रभारी अजय शर्मा, महिला थाना प्रभारी साक्षी सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इस घटना के करीब पांच घंटे बाद पुलिस ने महिला को बरामद कर लिया। उसे आरोपी मेरठ तक लेकर पहुंच गया था। महिला को कैसे और कहां से बरामद किया, इस विषय में पुलिस कुछ बताने को तैयार नहीं है।

दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला का अस्पताल में मेडिकल होना था। मेडिकल से कुछ समय पहले वह चली गई थी। महिला को बरामद कर लिया है। उसने अपने चचेरे देवर के साथ मर्जी से जाने की बात कही है। इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। – नीरज कुमार जादौन, एसपी।

लापरवाही : केवल एक सिपाही के साथ बस में भेजी गई दुष्कर्म पीड़िता
बागपत। दुष्कर्म पीड़िता को दिनदहाड़े ले जाने में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। बालैनी थाने से करीब 27 किमी दूर जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए पीड़िता को बस से भेज दिया गया, जबकि पुलिस वाहन से भेजा जाना चाहिए था। पीड़िता के साथ केवल एक ही महिला पुलिसकर्मी को भेजा गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला को आरोपी अपने साथ मेरठ तक ले गए थे। पुलिस का कहना है कि वारदात के तुरंत बाद जिले में चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया था। सवाल उठता है कि चेकिंग के बाद भी आरोपी पकड़ में कैसे नहीं आए।

मामला आला अधिकारियों के पास पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई। परिजनों पर दबाव डाला गया, जब जाकर आरोपी ने पीड़िता को वापस भेजा। इस पूरे मामले में फजीहत होने पर पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे। सीओ खेकड़ा युवराज सिंह का कहना था कि उन्हें नहीं पता कि महिला किस जगह से बरामद हुई है, जबकि बालैनी थाना भी उनके सर्किल में आता है। सीओ बागपत अनुज मिश्रा ने कहा कि इस मामले में पति की ओर से कोई शिकायत आएगी, तो उसके आधार पर कार्रवाई होगी।

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