अफगानिस्तान पर प्रधानमंत्री की बड़ी बैठक, चार्टर प्लेन से भारतीयों को लाने की तैयारी

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे को लेकर वहां फंसे भारतीयों को निकालने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं. अफगानिस्तान के हालातों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रहे हैं. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद हैं. बैठक में अफगानिस्तान के हालात पर और वहां फंसे भारतीयों को कैसे सुरक्षित निकाला जाए इस बात पर भी बातचीत हो रही है.

सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब से इस पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं. पीएम मोदी अफगानिस्तान में भारतीयों की स्थिति को लेकर अधिकारियों के संपर्क में हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कल देर रात पूरी स्थिति की समीक्षा की. उन्हें फ्लाइट के अफगानिस्तान से उड़ान भरने की जानकारी भी दी गई. पीएम मोदी ने निर्देश दिए कि जामनगर लौटने वाले सभी लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए.

वहीं सूत्रों की ओर से जानकारी मिली है कि काबुल से भारतीयों को वापस लाने के लिए निकासी के लिए, भारत ने अपना C-17 ताजिकिस्तान के अयनी एयर बेस पर खड़ा किया क्योंकि अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर भारी भीड़ थी. इसलिए भारतीय विमान अयनी एयर बेस पर स्टैंडबाय पर थे और काबुल हवाई अड्डे को नियंत्रित करने वाले अमेरिका द्वारा मंजूरी मिलने पर उन्होंने काबुल के लिए उड़ान भरी.

सूत्रों ने बताया कि भारत, अफगानिस्तान से अधिक भारतीयों को निकालने के लिए चार्टर विमानों को किराए पर लेने के विकल्प भी तलाश रहा है. सूत्रों ने बताया कि भारत इंतजार करेगा और देखेगा कि सरकार का गठन कितना समावेशी होगा और तालिबान कैसे आचरण करेगा. भारत देखेगा कि अन्य लोकतंत्र तालिबान शासन पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं.

वहीं अफगानिस्तान पर विदेश मंत्रालय ने कहा अफगानिस्तान से जुड़े लोगों के लिये वीज़ा की सुविधा ई इमरजेंसी वीज़ा फैसिलिटी के तहत जारी रहेगी. मंत्रालय ने कहा उसे अफगान सिख और हिन्दू समुदाय के नेताओं से अनुरोध हासिल हुआ और वह इनके संपर्क में है.

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