टूटा फिजिक्स का अट्टू नियम, प्रकाश से तेज दौड़ा फोटॉन, क्या अब प्रकाश की स्पीड से कर पाएंगे स्पेस में यात्रा


एक शांत वाटर वैक्यूम में प्रकाश का एक फोटॉन (Light Photon) एक सेकेंड में लगभग 300 हजार किलोमीटर की गति से आगे बढ़ता है। ये तय करता है कि ब्रह्मांड (Universe) में सूचना कितनी तेज रफ्तार से ट्रैवल कर सकती है। ये माना जाता है कि फीजिक्स का ये नियम कभी नहीं टूटेगा, लेकिन प्रकाश के कुछ ऐसे फीचर हैं, जो इस नियमों से बंधे हुए नहीं हैं। हालांकि, इस नियम से नहीं बंधने वाले फोटॉन के छेड़छाड़ करने का ये मतलब नहीं है कि हम तारों तक तेजी से यात्रा कर पाएंगे। लेकिन ये लेजर टेक्नोलॉजी के लिए एक नया रास्ता जरूर बना देंगे।

फिजिसिस्ट लंबे समय से प्रकाश के फोटॉन को लेकर प्रयोग करते आ रहे हैं। ठंडे अटॉमिक गैस, रिफ्रेक्टिव क्रिस्टल और ऑप्टिकल फाइबर के जरिए फिजिसिस्ट प्रकाश के फोटॉन को कभी तेज रफ्तार पर चलाते हैं तो कभी उसे एक ही जगह बेदह धीमी रफ्तार पर रोक देते हैं।

लेकिन इस बार फिजिसिस्ट ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। दरअसल, कैलिफोर्निया के लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी और न्यूयॉर्क में रोचेस्टर विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स ने इस बार प्रकाश के फोटॉन को एक चार्जड पार्टिकल्स वाले झुंड के भीतर तेज रफ्तार से चलाया है।

फिजिक्स के नियम के दायरे के भीतर ऐसा करना संभव

रिसर्चर्स ने इस प्लाज्मा के भीतर प्रकाश के फोटॉन की रफ्तार को सामान्य वैक्यूम गति के लगभग दसवें हिस्से तक कम किया। वहीं, उन्होंने प्रकाश के फोटॉन को प्रकाश की रफ्तार से 30 फीसदी अधिक रफ्तार तक भी चलाकर नया कारनामा कर दिखाया। ये सुनने में जितना अच्छा लगता है, उससे ये कई ज्यादा प्रभावशाली है। लेकिन जिन लोगों को लगता है कि इस रफ्तार को हासिल करने के बाद हम प्रोक्सिमा सेंटूरी तक उड़ान भर सकते हैं। उनके लिए दुख की बात ये है कि इस रफ्तार पर यात्रा करना फिजिक्स के नियम के दायरे के भीतर ही है।

इस प्रयोग का क्या है भविष्य

लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी प्लाज्मा की ऑप्टिकल नेचर को समझने के लिए खासा उत्साहित है। इसके पीछे की वजह इसका दुनिया के कुछ सबसे प्रभावशाली लेजर तकनीक का घर होना है। इस प्रयोग के जरिए अब उन्हें एक शक्तिशाली लेजर मिल सकता है। इसके जरिए वे कई सारे प्रयोग कर सकते हैं। वे पार्टिक्लस की रफ्तार को बढ़ाकर साफ फ्यूजन टेक्नोलॉजी के लिए इसका प्रयोग कर सकते हैं। प्रकाश के फोटॉन में किया गया ये बदलाव भले ही हमें तारों से परे यात्रा नहीं करने की अनुमति दे। लेकिन ये हमें भविष्य में होने वाली खोजों को लेकर प्रोत्साहित जरूर करेगा।

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