विक्रम जरयाल भटियात के लोगों को सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाए ; राम मोहित शर्मा

हिमाचल में भले ही विकास के कसीदे पढ़े जाते हो, सरकार, मंत्री और विधायक बड़ी बड़ी बातें करती हो। लेकिन धरातल पर विकास से आज भी हिमाचल के कई गांव वंचित है। जहां आधारभूत सुविधाएं तक नही है, ना सड़क, ना बिजली, ना पानी और ना ही स्वास्थ्य सेवाएं। अगर किसी जगह है तो उन सुविधाओं वे हालात ऐसे है कि कई कई महीने लोग इन सुविधाओं से वंचित रहते है।

आज भी भट्टियात विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जदरोंग के गाँव चक्की ठेड़ा, बातला, बेई, चियूंन ओर रथ भौर नामक गाँव सड़क सुविधा से पूरी तरह वंचित है। यह गांव 15 किलोमीटर ऊपर पहाड़ों में स्थित है और आजादी के 73 सालों बाद भी यहां के लोग पैदल चलने पर मजबूर है। इन लोगों की आने जाने के पैदल चलना पड़ता है। क्योंकि जीते हुए विधायक और सांसद तो अपने टिकाने शहरों में बना लेते है और इन गांव के विकास की ओर कोई ध्यान नही देता। सरकार का नारा भले ही शिखर की ओर हिमाचल हो, लेकिन इन लोगों को अपनी जिंदगी अपने दमखम के भरोसे ही गुजारनी पड़ती है।

इन गांव में अगर कोई दुर्घटना हो जाए या बीमारी हो जाए तो पीड़ितों का मरना लगभग तय होता है। क्योंकि यहां आज तक कोई भी सरकार सड़क नही बना पाई। वोट मांगने तो नेता आते है, लेकिन विकास करते समय इन गांव को भूल जाते है। इस मामले में राम मोहित शर्मा का कहना है कि यहां जिंदगी कैसी है यह शहरों में रहने वाले लोग सोच भी नही सकते। आज भी यहां किसी के बीमार होने पर 15 किलोमीटर दूर उठा कर ले जाना पड़ता हैम शिक्षा के नाम पर यहां मजाक चल रहा है, एक स्कूल स्थानीय बच्चों के लिए खोल दिया गया है। लेकिन यहां स्टाफ के नाम पर बहुत कम लोग है।

राम मोहित शर्मा ने बताया कि यह एक छोटी मोटी डिस्पेंसरी तक नही है।जहां प्राथमिक सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने सरकार और स्थानीय विधायक विक्रम जरयाल से मांग की है कि इन गांव के लोगों के सड़क, स्वास्थ और शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। ताकि यहां के बच्चे पढ़ लिख सके, बीमारों का इलाज हो और 15 किलोमीटर पैदल चलने से गांव वालों को निजात मिल सके। किसी के बीमार होने पर यहां एम्बुलेंस आदि गाड़ियां पहुंच सके।

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