देश में लगती इज्जत की कीमत; नाबालिग बलात्कार मामला पंचायत द्वारा पांच चप्पल और 50 हजार में निपटाने की कोशिश

UP News: उत्तर प्रदेश के महराजगंज में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक गांव में एक नाबालिग लड़की दबंग की हैवानियत का शिकार होती है। मामला पंचायत में पहुंचता है तो बजाए आरोपी को सख्त सजा दिलाने के नाबालिग के साथ हुए रेप की कीमत तय कर दी जाती है। पंचायत अपना फैसला सुनाती है कि 50 हजार रुपए जुर्माना लेकर मामला खत्म कर दिया जाए। इसके साथ ही पंच, पीड़िता से आरोपी को पांच चप्पल लगाकर अपना गुस्सा शांत कर लेने को कहते हैं।

बताया जा रहा है पीड़िता ने आरोपी को यह सजा दी भी लेकिन उसे और परिवार को लगा कि यह कोई इंसाफ नहीं है। लिहाजा अगले दिन वे पुलिस के पास पहुंच गए।

आरोप है कि पुलिस ने भी सख्त कार्रवाई करने की बजाए तहरीर बदलवाकर छेड़खानी का मामूली केस दर्ज करने की कोशिश की। बाद में मामला एसपी तक पहुंचा तब जाकर पाक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

मामला महराजगंज के कोठीभार थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि 23 जून की शाम छह बजे 13 वर्षीय पीड़िता अपने खेत पर सब्जी तोड़ने गई थी। उसी दौरान गांव का ही एक लड़का वहां पहुंच गया। उसने पहले छेड़छाड़ की। लड़की ने जब विरोध किया तो जबरन दुष्कर्म कर दिया। घटना के बाद वह फरार हो गया।

बदहवासी की हालत में पीड़िता किसी तरह घर पहुंची। उसने अपने परिवारीजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद परिवारीजन लड़के के घर शिकायत लेकर गए लेकिन आरोपी के घरवालों ने शिकायत सुनने की बजाए बदसलूकी करके पीड़िता के परिवारीजनों को भगा दिया। तब पीड़ित परिवार ने गांव की पंचायत की शरण ली। आरोपित पक्ष ने भी मामला तूल पकड़ता देख पंचायत के जरिए इसे सुलझाने की कोशिश की। पंचायत ने पीड़िता के पिता को 24 जून को मामले में इंसाफ के लिए बुलाया।

बताया जा रहा है कि पंचायत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपित पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर मामले को निपटा दिया। साथ ही पीड़िता से आरोपी को पांच चप्पल मारने को कहा। हालांकि इस मामले में जो सुलहनामा लिखा गया उसमें चप्पल से मारने व 50 हजार रुपए जुर्माना लगाने का जिक्र कहीं नहीं है। लोगों का कहना है कि पंचायत में पीड़िता ने आरोपित को पांच चप्पल मारा भी। इसके बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया। लेकिन इससे पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।

अगले दिन 25 जून को पीड़िता को लेकर उसके परिवारीजन कोठीभार थाने पहुंचे। रविवार को पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तहरीर बदलवाकर दुष्कर्म की जगह छेड़खानी का केस दर्ज कर लिया। मामला एसपी प्रदीप गुप्ता तक पहुंचा तो उन्होंने थाने से पूरी जानकारी मंगाकर कार्रवाई करने की बात कही।

पुलिस ने दी ये सफाई
इस मामले में कोठीभार थाने के प्रभारी निरीक्षक धनवीर सिंह का कहना है कि तहरीर बदलवाकर केस दर्ज करने का आरोप बेबुनियाद है। मामला थाने में आने से पहले पंचायत होने की बात सामने आ रही है। आरोपी गांव से फरार है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर ही आरोपी के विरुद्ध छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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