कोरोना तबाही के बीच पाकिस्तान में कई मदद की पेशकश, वेंटिलेटर समेत देगा कई उपकरण

भारत में कोरोन वायरस की दूसरी लहर से मचे हाहाकार को देखते हुए पाकिस्तान ने मदद की पेशकश की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार की रात एक ट्वीट कर कहा कि कोरोना वायरस की वर्तमान लहर के मद्देनजर भारत के लोगों के साथ एकजुटता के संकेत के रूप में, पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर राहत व समर्थन की पेशकश की है।

बता दें कि पाकिस्तान सरकार की ओर से मदद की पेशकश से पहले ईदी फाउंडेशन सामने आया था। इस फाउंडेशन ने भारत में कोरोना से जूझ रहे लोगों की मदद करने का ऑफर दिया। ईदी फाउंडेशन के चेयरमैन फैसल ईदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर भारत में अपनी टीम को भेजकर मदद की पेशकश की थी।

शाह महमूद कुरैशी ने ट्वीट करते हुए कहा ‘कोविड-19 की वर्तमान लहर के मद्देनजर भारत के लोगों के साथ एकजुटता के संकेत के रूम में, पाकिस्तान ने वेंटिलेटर, बीए पीएपी, डिजिटल एक्स रे मशीन, पीपीई और अन्य संबंधित वस्तुओं सहित भारत को आधिकारिक तौर पर राहत व समर्थन की पेशकश की है। हम मानवता पहले की नीति में विश्वास करते हैं।’

इमरान खान ने एकजुटता व्यक्त की थी
शनिवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर एकजुटता व्यक्त की थी लेकिन उन्होंने किसी प्रकार की मदद की पेशकश नहीं की थी। इमरान खान ने अपने ट्वीट में लिखा था ‘मैं भारत के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करना चाहता हूं क्योंकि वे कोरोना की खतरनाक लहर से लड़ रहे हैं। हम हमारे पड़ोस और दुनिया में महामारी से पीड़ित सभी लोगों के शीघ्र ठीक होने की कामना करते हैं। हमें मानवता के साथ मिलकर इस वैश्विक चुनौती से लड़ना चाहिए।’

50 एंबुलेंस के साथ भारत आने की पेशकश
उन्होंने कहा है कि उनकी टीम के वॉलंटियर्स 50 एम्बुलेंसेस के साथ भारत में आकर लोगों की इस महामारी से लड़ने में मदद करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे लेटर में फैसल ने कहा है, ”भारत में महामारी का जो असाधारण प्रभाव पड़ा है, उसके बारे में सुनकर हमें बहुत अफसोस हुआ है, वहां भारी संख्या में लोग काफी कष्ट झेल रहे हैं…. हम 50 एम्बुलेंसों के बेड़े के रूप में मदद करना चाहेंगे।”

पाकिस्तान के सबसे बड़े चैरिटेबल एंबुलेंस का चलाता है नेटवर्क
बता दें कि फैसल ईदी पाकिस्तान में सबसे बड़े चैरिटेबल एम्बुलेंस का नेटवर्क चलाते हैं। इसी फाउंडेशन की मदद से कुछ सालों पहले पाकिस्तान से भारत गीता वापस आई थी। गीता पाकिस्तान में तकरीबन 15 सालों तक रही थी, जिसके बाद कई लोगों की मदद के बाद वह वापस भारत आ सकी थी।

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