क्या बालाकोट स्ट्राइक से तीन दिन पहले पत्रकार को जवाबी हमले के बारे में पता था – चिदंबरम

बालाकोट स्ट्राइक को लेकर कांग्रेस एक बार फिर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। पार्टी का आरोप है कि स्ट्राइक से पहले कुछ लोगों को इसके बारे में पहले से पता था। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। पार्टी ने इस बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जवाब मांगा है कि यह जानकारी सरकार समर्थक पत्रकारों को कैसे मिली। पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इन सभी मुद्दों को जल्द देशवासियों के बीच रखेगी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि क्या असल स्ट्राइक से तीन दिन पहले एक पत्रकार (और उसके दोस्त) को बालाकोट शिविर में जवाबी हमले के बारे में पता था। उन्होंने कहा कि यदि हां, तो इस बात की क्या गारंटी है कि उनके स्रोतों ने पाकिस्तान के साथ काम करने वाले जासूसों या मुखबिरों सहित अन्य लोगों के साथ भी जानकारी साझा नहीं की होगी। अपने ट्वीट के साथ उन्होंने रक्षा मंत्री को टैग किया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाले ने भी पार्टी मुख्यालय में मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा कि पार्टी मुंबई पुलिस की चार्जशीट का अध्यन कर रही है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पार्टी जल्द इस बारे में सार्वजनिक तौर पर अपना पक्ष रखेगी। पार्टी के इस रुख से साफ है कि बालाकोट स्ट्राइक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए पार्टी व्यापक रणनीति बनाने में जुटी है।

इस बीच, पी चिदंबरम ने कृषि कानूनों से जु़डी जानकारी देने से इनकार करने पर नीति आयोग को निशाने पर लिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नीति आयोग की कृषि पर मुख्यमंत्रियों की समिति ने सितंबर 2019 में विचार विमर्श किया और अपनी रिपोर्ट दी। 16 माह बाद भी रिपोर्ट को अब तक नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया है। क्यों, किसी को नहीं पता और कोई जवाब नहीं देगा।

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