भाजपा सरकार का तीन साल का विकास; निर्विरोध चुने प्रधान का नाम मतदाता सूची से गायब

निर्विरोध पंचायत प्रधान बने काहन सिंह का नाम मतदाता सूची में ही नहीं है। अपनी पंचायत में ज्यूरी (पंचायत के बुद्धिजीवी ग्रामीणों की कमेटी) की सर्वसम्मति के बावजूद काहन सिंह प्रधान नहीं बन पाएंगे। मामला कांटी मशवा पंचायत से जुड़ा है। बीते दिन उन्हें पंचायत की ज्यूरी ने सर्वसम्मति से प्रधान चुना। इसके बाद पता चला कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। ज्यूरी का फैसला अभी भी बरकरार है।

ज्यूरी का कहना है कि काहन सिंह के खिलाफ कोई भी नामांकन नहीं करेगा। विकास खंड पांवटा साहिब की कांटी मशवा पंचायत में बीते वर्ष भी निर्विरोध ही पंचायत बनी थी। इस वर्ष भी पंचायत को निर्विरोध चुनने का फैसला हुआ। सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी बस्तीराम, रि. लायक सिंह शास्त्री, रि. वेटरनेरी फार्मासिस्ट अतर सिंह, पूर्व प्रधान खतरीराम, पूर्व सैनिक रघुवीर सिंह व प्रताप सिंह ने काहन सिंह के नाम सर्वसम्मति बनाई।

उपप्रधान भी सर्वसम्मति से चुना गया, लेकिन काहन सिंह का नाम मतदाता सूची से गायब मिला है। उनका कहना है कि उन्होंने 2010 में पंचायत में अपने मत का प्रयोग किया था। 2015 में उनकी पंचायत निर्विरोध चुनी गई। ऐसे में वोटर लिस्ट जांचने का मौका भी नहीं मिला। इस बार ज्यूरी ने प्रधान पद के लिए उनके नाम पर सर्वसम्मति बनाई है। उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। वह जिला निर्वाचन अधिकारी व संबंधित एसडीएम से मिल चुके हैं।प्रशासन के समक्ष ज्यूरी और उन्होंने पक्ष रखा है। उधर, ज्यूरी के सदस्य लायक सिंह ने बताया कि काहन सिंह के नाम पर प्रधान पद के लिए सर्वसम्मति बनाई है। ज्यूरी का फैसला यही है कि निर्विरोध चुनकर आए प्रधान के खिलाफ कोई भी नामांकन नहीं करेगा। मतदाता सूची में नाम न होने पर प्रशासन से मिल चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द कोई समाधान निकलेगा। 

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