शिक्षक नहीं बुला सकते विद्यालय में जबरदस्ती छात्रों को

प्रदेश में फरवरी से शुरू हो रहे स्कूलों में विद्यार्थियों को आने पर बाध्य नहीं किया जाएगा। अपनी मर्जी से आ सकते हैं ,विद्यार्थी स्कूल नहीं बुला सकते जबरदस्ती शिक्षक। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जो विद्यार्थी इस दौरान स्कूल नहीं आएंगे, उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाएगी। बता दें कि स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने के बाद भी ऑनलाइन स्टडी जारी रहेगी, ऐसे में स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से पढ़ाई करवाई जाएगी। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां एक दिन छोड़कर कक्षाएं बुलाई जाएंगी ताकि विद्यार्थियों की भीड़ इकट्ठी न हो।

विभाग को भेजे माइक्रो प्लान ग्रीष्मकालीन स्कूलों ने

शिक्षा विभाग को भेजे गए माइक्रो प्लान के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को बुलाने और कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग को लगभग सभी ग्रीष्मकालीन स्कूलों ने उप शिक्षा निदेशकों के माध्यम से माइक्रो प्लान भेज दिए हैं। इन माइक्रो प्लानों में स्कूलों ने विभाग को अवगत करवाया है कि स्कूलों में कौन-कौन सी कक्षाओं में कितने-कितने विद्यार्थियों को बुलाया गया है। स्कूल के कमरे में कितने छात्रों के बैठने की व्यवस्था है, स्कूल में विद्यार्थियों के आने-जाने व लंच ब्रेक के समय किस तरह छात्रों के लिए व्यवस्था होगी, यह जानकारी दी गई है।

2 सत्रों में लगाई जाएंगी कक्षाएं

माइक्रो प्लान के तहत स्कूल में 2 सत्रों में कक्षाएं लगाई जाएंगी। विद्यार्थियों के स्कूल में आने-जाने का समय भी अलग होगा। स्कूल खुलने पर एसओपी के नियमों को पूरी तरह अमल में लाया जाएगा। हालांकि इस बार स्कूल आने के लिए अभिभावकों की अनुमति लेना अनिवार्य नहीं होगी लेकिन विद्यार्थियों को इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त स्कूलों में छात्रों की हाजिरी लगाना भी अनिवार्य नहीं किया गया है। यदि कोई छात्र किसी कारण स्कूल नहीं आता है तो ऐसे मेें हाजिरी लगाना जरूरी नहीं होगा।

शिक्षकों की छुट्टियों पर कोई रोक नहीं

विभाग ने हालांकि शिक्षकों की छुट्टियां कम करने या रोक लगाने को लेकर किसी भी तरह की अधिसूचना जारी नहीं की है। प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा का कहना है कि शिक्षकों की छुट्टियों पर फिलहाल रोक नहीं लगाई गई है लेकिन सभी शिक्षकों से इस महीने बच्चों के लिए समर्पित रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के लिए कुछ ही समय बचा है, ऐसे में छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ज्यादा से ज्यादा समय दें। शिक्षा निदेशक ने बताया कि लगभग सभी ग्रीष्मकालीन स्कूलों का माइक्रो प्लान आ गया है। इस प्लान के अनुसार छात्रों को कक्षाओं में बिठाने और स्कूल में छात्रों के आने-जाने की व्यवस्था की जाएगी।

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