Pretorl Disel Price Reduce: कई राज्यों में 7 से 12 रुपये घटाई तेल की कीमतें, यूपी में सबसे ज्यादा कमी की

Petrol-Diesel Prices reduced in many states: देशभर में तेजी से बढ़े पेट्रोल और डीजल के भाव के बीच केंद्र सरकार ने आज बुधवार की रात जब कुछ राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी कम करने का कदम उठाया तो इसके बाद कई राज्‍यों ने भी पेट्रोल और डीजल के भाव में बड़ी कटौती करने का तुरंत ऐलान कर दिया.

गुजरात, कर्नाटक सरकार और गोवा सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 7-7 रुपए कम करने का ऐलान किया है. इन राज्‍यों में सबसे बड़ी कटौती उत्‍तर प्रदेश ने की है. ब‍िहार सरकार ने भी कीमतें कम की हैं.उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, यूपी में डीजल और पेट्रोल में 12-12 रुपए की कमी की जाएगी.

केंद्र सरकार के कटौती करते ही कर्नाटक, गोवा, असम और त्र‍िपुरा की राज्‍य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल में 7-7 रुपए कम करने की घोषणा की है. उत्‍तराखंड ने 2 रुपए वैट कम करने की घोषणा की है.

गुजरात सरकार ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से 7 रुपये प्रति लीटर की कमी करने की घोषणा की है. गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, गुजरात में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से 7 रुपए प्रति लीटर की कमी की जाती है.

केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्यों से पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने का भी आग्रह किया है. इसके बाद कर्नाटक सरकार और गोवा राज्‍य सरकारों के बाद असम और त्र‍िपुरा की सरकारों ने पेट्रोल और डीजल में 7-7 रुपए कम करने की घोषणा कर दी है. असम के मुख्‍यमंत्री हिमंता बिश्‍वा शर्मा ने तत्‍काल प्रभाव से पेट्रोल और डीजल पर 7-7 रुपए कम कर दिया है.

असम के सीएम हिमंता बिश्‍वा शर्मा के द्वारा तेल में वैट घटाने के फैसले के बाद त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लब कुमार ने गुरुवार से पेट्रोल और डीजल में 7 रुपए भाव कम करने का निर्देश दिया है.

हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्‍द कटौती करने का ऐलान किया है. जयराम ठाकुर ने कहा, इस संबंध में जल्‍द ही फैसला लिया जाएगा. हिमाचल प्रदेश CM जयराम ठाकुर ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का सराहनीय निर्णय लिया है, इसके लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार. पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स(VAT) कम करने को लेकर प्रदेश सरकार जल्द इसकी अधिसूचना जारी करेगी.

नीतीश कुमार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर वैट घटाया है. बिहार में पेट्रोल पर 1 रुपया 30 पैसा और डीजल पर 1 रुपया 90 पैसे कम क‍िए गए हैं. केंद्र सरकार और नीतीश सरकार की तरफ तरफ की गई कटौती के बाद बिहार के लोगों को पेट्रोल पर 6.30 रुपए और डीजल 11.90 रुपए सस्ता मिलेगा.

बता दें कि ईंधन तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद केंद्र ने बुधवार रात को पेट्रोल में पांच रुपए और डीजल 10 रुपए उत्पाद शुल्क में कटौती की है. यह कीमतें आज रात से ही लागू हो जाएंगी.

राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव दिल्ली पहुंचते ही तेल पर केंद्रीय उत्‍पाद शुल्‍क कम करने के फैसले पर कहा, “नरेंद्र मोदी जी ने 5 रुपये घटाने(पेट्रोल पर) का जो नाटक किया है, ये बोगस है. 50 रुपये कम करो. इससे कोई राहत नहीं मिलेगी, कुछ दिनों बाद फिर बढ़ा देंगे.”

सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाये, राजस्व पर एक लाख करोड़ रुपए का पड़ेगा असर

सरकार ने आम लोगों को महंगाई से कुछ राहत देने के लिए बुधवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया ईँधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच रुपये तथा 10 रुपये की कटौती की.

उत्पाद शुल्क में कमी चार नवंबर से प्रभाव में आएगी

दिवाली की पूर्व संध्या पर की गई इस घोषणा से ईंधन की आसमान छूती कीमतों को नीचे लाने में मदद मिलेगी और महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को भी कुछ राहत मिलेगी. उत्पाद शुल्क में कमी चार नवंबर से प्रभाव में आएगी. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “भारत सरकार ने कल से पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच रुपये और 10 रुपये की कमी करने का एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आएगी.”

केंद्रीय उत्‍पाद शुल्‍क में कमी से दिल्ली में डीजल और पेट्रोल की यह कीमतें होंगी

– पेट्रोल की कीमत मौजूदा 110.04 रुपए प्रति लीटर से घटकर 105.04 रुपए प्रति लीटर होगी

– डीजल की कीमत 98.42 रुपए प्रति लीटर से घटकर 88.42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी.

मार्च 2020 से मई 2020 के बीच पेट्रोल एवं डीजल पर करों में 13 रुपए और 16 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी

बता दें कि यह उत्पाद शुल्क में की गई अब तक की सबसे अधिक कमी है और इससे साथ मार्च 2020 से मई 2020 के बीच पेट्रोल एवं डीजल पर करों में 13 रुपए और 16 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि का एक हिस्सा वापस ले लिया गया है. उत्पाद शुल्क में उस समय की वृद्धि से पेट्रोल पर केंद्रीय कर 32.9 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 31.8 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था.

देश भर में खुदरा दरों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद उत्पाद शुल्क में कमी की गई

अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद देश भर में खुदरा दरों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद उत्पाद शुल्क में कमी की जा रही है. जहां सभी प्रमुख शहरों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर से ऊपर है, वहीं डीजल ने कई राज्यों में यह स्तर पार कर लिया है. ईंधन की कीमतों में लगातार हुई वृद्धि की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी. खासकर कांग्रेस ने आलोचना करते हुए सरकार से उत्पाद शुल्क वापस लेने की मांग की थी.

केंद्र सरकार को हर माह 8,700 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा

अप्रैल से अक्टूबर के खपत के आंकड़ों के आधार पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार को प्रति माह 8,700 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा. उद्योग सूत्रों के अनुसार इससे सालाना आधार पर एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का असर पड़ेगा. वहीं चालू वित्त वर्ष की बाकी अवधि के लिए, प्रभाव 43,500 करोड़ रुपए का होगा.

उत्पाद शुल्क में कमी से मोटर चालकों को राहत मिलेगी. ट्रकों और कृषि क्षेत्र के लिए यह सबसे बड़ी राहत होगी जो डीजल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. बयान के मुताबिक किसानों ने अपनी कड़ी मेहनत से, ‘लॉकडाउन’ के दौरान भी आर्थिक वृद्धि की गति को बनाए रखा और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कमी से उन्हें आगामी रबी सीजन के दौरान प्रोत्साहन मिलेगा. हाल के महीनों में, कच्चे तेल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल देखा गया है। इस वजह से हाल के हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे मुद्रास्फीति संबंधी दबाव बढ़ गया है.

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