नामांकन में उड़ी कोरोना गाइडलाइन्स की धज्जियां, ना मास्क न सोशल डिस्टेंशिंग

पिछले कल मंडी के गोहर में पंचायतीराज चुनावों के लिए भाजपा प्रत्याशियों ने नामांकन किए। एसडीएम के प्रांगण में सैकड़ों की संख्या में लोग इक्कठे हुए, जबकि केंद्र और राज्य सरकारों की गाइडलाइन है कि एक स्थान पर 50 से ज्यादा लोग इक्कठे नही होंगे। 50 लोग इक्कठा होंगे तो मास्क और सोशल डिस्टेंशिंग का पूरा पालन करेंगे। अगर कोई मास्क या सोशल डिस्टेंशिंग का प्रयोग नही करेगा तो उसके लिए 1000 से 5000 के जुर्माने का प्रावधान है और फिर नही पालन नही किया जाएगा तो आरोपी 8 दिन की जेल का प्रावधान किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी मास्क ना पहनने और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करने वालों के खिलाफ सख्त आदेश जारी किए है।

लेकिन पिछले कल एसडीएम गोहर के कार्यालय के बाहर का नजारा ही कुछ और था, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी नामांकन करने आया था। 200 से 300 लोगों को बिना किसी सोशल डिस्टेंशिंग के इक्कठा किया गया। कई लोगों के मास्क गायब थे, लेकिन मौके पर प्रशासन और पुलिस दोनों गायब थे। ना तो किसी का चालान हुआ ना किसी को गिरफ्तार किया गया। जबकि बीते दिनों, शादियों में जा-जा कर प्रशासन और पुलिस ने लोगों को जुर्माना किया है। इतना ही नही, कई शादियों से आयोजकों को भी गिरफ्तार किया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस के मुख्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल की आम जनता ने अब तक करोड़ों का जुर्माना भरा है। लेकिन यहां मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा हुआ है, तो कोई क्यों कानूनी कार्यवाही करेगा।

वही दूसरे सभी विपक्षी प्रत्याशियों ने आरोप है कि भाजपा प्रत्याशियों ने पहले दिन से ही आचार सहिंता और निर्वाचन आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ाई है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के विरूद्ध सरेआम पार्टी के झंडे, पार्टी की ओर से उम्मीदवार की घोषणा और पार्टी की ओर से नारेबाजी हुई है। जबकि निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायतीराज चुनावों में इस तरह के पार्टी के प्रचार पर प्रतिबंध है। अब देखना होगा कि क्या निर्वाचन आयोग इस मामले पर संज्ञान लेते है या सत्ता पक्ष के लोगों को खुली छूट मिलेगी और वह कोरोना गाइडलाइंस और निर्वाचन आयोग के आदेशों की अवहेलना करते रहेंगे।

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