नीतीश का अधिकारियों को सख्त निर्देश- कोरोना संक्रमितों के इलाज में न हो कोई कोताही

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमितों के इलाज में किसी प्रकार की कोई कोताही न हो, इस पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि समस्या को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर सकारात्मक रवैये के साथ काम करें। लोग बचाव के लिए पूरी तरह सचेत रहें।

पटना के एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम कोविड-19 से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान नीतीश ने कहा, ‘‘कोरोना वायस के मामले प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। आप सभी सक्रिय रहेंगे तो लोग नियंत्रित रहेंगे, आवागमन सीमित होगा और कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार कम से कम होगा। कल हमने पटना शहर में भीड़-भाड़ की स्थिति, कोरोना प्रोटोकाल का पालन, लोगों को मास्क पहनना आदि को लेकर जायजा लिया था।” उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस जांच की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ टीकाकरण की गति बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मई से 18 वर्ष से 44 वर्ष तक के लोगों का भी टीकाकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुफ्त टीकाकरण कराएगी। उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर पूरी तैयारी रखें और बचे हुए पुलिसकर्मियों का टीकाकरण अवश्य कराएं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के जिलाधिकारियों ने अपने जिले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया, साथ ही जरूरी सुझाव भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में इलाज की पूरी व्यवस्था रखें, अनुमण्डल स्तर पर भी इलाज की पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान को निर्दिष्ट कोविड अस्पताल के रूप में परिणत करें।

सीएम नीतीश ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री से आक्सीजन आपूर्ति को लेकर उनकी फोन पर बात हुई है, उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया है। केन्द्र की सहायता मिल रही है लेकिन इसके अलावा हम लोग अपनी तरफ से और क्या कर सकते हैं, उसके लिए हमेशा तत्पर रहें। हर हालत में लोगों का बचाव करना जरूरी है।”

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