भारत पहुंचे 6 नए कोरोना स्ट्रेन के मरीज; सभी आइसोलेट किए

ब्रिटेन में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन से पीड़ित 6 लोग भारत में भी मिले हैं। ये सभी लोग ब्रिटेन से ही लौटे थे। सभी पीड़ितों को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बेंगलुरु के NIMHANS में ब्रिटेन से लौटे तीन लोगों का सैंपल टेस्ट किया गया था जिसमें ये नया स्ट्रेन मिला है। इसके अलावा दो लोगों का सैंपल सेंटर फॉर सैल्यूलर ऐंड मोलोकूलर बायोलॉजी, हैदराबाद में पॉजिटिव पाया गया। एक अन्य शख्स का सैंपल नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे में जांच की गई थी, जहां शख्स कोरोना के नए स्ट्रेन से पीड़ित पाया गया है। मंत्रालया ने बताया कि सभी अगल-अलग आइसोलेशन में रखा गया है।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना मामलों के मद्देनजर एक फ्रेश गाइडलाइंस जारी थी। इसमें मौजूदा कोविड-19 गाइडलाइंस को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने ब्रिटेन में पाए गए कोरोना के नए स्ट्रेन से सावधान रहने के लिए भी कहा है।

कोरोना वायरस के इस नए वैरिएंट (B.1.1.7) के बारे में अभी वैज्ञानिकों को ज्यादा जानकारियां नहीं मिली हैं। इसके जीनोम संरचना पर अभी रिसर्च चल रहे हैं। वैज्ञानिक अभी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इसमें हुए म्यूटेशन से वायर और ज्यादा खतरनाक हो रहा है या कमजोर और क्या नया स्ट्रेन जांच में सही से पकड़ा जा सकता है या नहीं।

नया स्ट्रेन बहुत ही संक्रामक है। इसने प्रभावित इलाकों में कोरोना के मामलों में 300 प्रतिशत का इजाफा किया है। यानी आम स्ट्रेन के मुकाबले यह तीन गुना ज्यादा संक्रामक है। कोरोना का नया स्ट्रेन कितना खतरनाक है, यह स्पष्ट नहीं है। खैर ज्यादा संक्रामक होने की वजह से खतरनाक तो है ही, क्योंकि यह लोगों के संक्रमित होने की आशंका बढ़ाता है। इस वैरिएंट में पिछले कुछ महीनों में ही 23 बार म्यूटेशन हुआ है जो हैरान करने वाला है।

नए वायरस ने 20 से ज्यादा रूप बदला है और यह अभूतपूर्व है। हालांकि, वायरस का रूप बदलना कोई नई बात नहीं है। कोरोना वायरस महीने भर में एक या दो बार अपना रूप बदलता रहा है। हालांकि, कोरोना का पहले का नया रंग-रूप उतना ज्यादा संक्रामक नहीं था। यह स्ट्रेन इसलिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसके 8 रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं। लेकिन इसमें दो सबसे ज्यादा चिंता पैदा करने वाले हैं। पहला, N501Y रूप, इसके कारण वायरस और ज्यादा खतरनाक हो सकता है और शरीर के सेल्स पर हमला कर सकता है। दूसरा, H69/V70। यह रूप शरीर की इम्युन क्षमता को नुकसान पहुंचाने वाली है। डेटा के अनुसार, यह स्ट्रेन शायद ज्यादा तेजी से फैल रहा है और लोगों को ज्यादा बीमार बना सकता है।

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