नई शिक्षा नीति भारत को ज्ञान और शिक्षा क्षेत्र में महाशक्ति बनाने को समर्पित- गोविंद सिंह ठाकुर

शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में हिमाचल देशभर में अग्रणी है। नई शिक्षा नीति भारत को ज्ञान की, शिक्षा क्षेत्र की महाशक्ति बनाने को समर्पित है। उन्होंने सभी से पूरे समाज को साथ लेकर, सबकी सहभागिता सुनिश्चित बनाते हुए भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए समर्पित प्रयास करने का आग्रह किया। शिक्षा मंत्री ने वीरवार को हिमाचल समग्र शिक्षा राज्य परियोजना की ओर से डाईट मंडी के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति संवाद एवं हितधारकों से परामर्श को लेकर आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए यह विचार व्यक्त किए। गोविंद ठाकुर ने मंडी शिक्षा विभाग और शिक्षाविदों से इसके बाद खंड स्तर पर भी इस प्रकार की कार्यशालाओं की श्रृंखला आयोजित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ी को कैसा भारत देना है यह तय करके हमें अपने सारे प्रयास उसी दिशा में लगाने की जरूरत है। उन्होंने पूरे उत्साह से कार्यशाला में भाग लेने के लिए सभी प्रतिभागियों की सराहना की।

शिक्षा ढांचे की मजबूती को 650 करोड़, स्टार्स प्रोजैक्ट के जरिए खर्ची जाएगी धनराशि

शिक्षा मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए स्टार्स प्रोजेक्ट मंजूर किया है। विश्व बैंक के सौजन्य से चलने वाले इस महत्त्वपूर्ण प्रोजैक्ट के तहत हिमाचल में नई राष्ट्रीय नीति 2020 को धरातल पर उतारने के लिए 650 करोड़ रुपए खर्चे जाएंगे। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर परामर्श कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। जब सभी जिलों में ये कार्यशालाएं संपन्न कर ली जाएंगी तो अन्त में इनमें आए सारे सुझावों पर पूरी गम्भीरता से एक बार फिर चर्चा कर शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने की निर्णायक कार्ययोजना बनाई जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने सुझावों पर किया गौर

कार्यशाला में सभी हितधारकों को 10 समूहों में बांटा गया। जिन्होंने स्कूली शिक्षा के 10 विषयों पर चर्चा परिचर्चा करके अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने हितकारकों द्वारा दिए गए सुझावों को गौर से सुना और उनके क्रियान्वयन के अपने संकल्प को दोहराया। कार्यशाला में शामिल रहे अभिभावकों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और डाईट के विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।

कार्यशाला में इन्होंने रखे विचार

इस अवसर पर समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशक डॉ. वीरेंद्र शर्मा ने प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन से जुड़े प्रयासों पर प्रकाश डाला। विद्या भारती के उत्तर भारत के महामंत्री व कार्यशाला में राज्य टास्क फोर्स सदस्य एवं कार्यशाला के मुख्य वक्ता देसराज शर्मा ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। वल्लभ भाई पटेल क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी के उपकुलपति प्रो. सीएल चंदन ने भी शिक्षा नीति के महत्व पर अपने विचार रखे। इससे पहले डाईट मंडी क जिला परियोजना अधिकारी  बलवीर भारद्वाज ने सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के मंतव्य पर प्रकाश डाला। डाईट के राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समन्वयक कमलेश परवारी ने इस नीति को लेकर मंडी जिला में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी।

ये रहे कार्यशाला में मौजूद

कार्यशाला में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, जिला परिषद के उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल, नगर निगम मंडी की महापौर दीपली जसवाल, जिला भाजपा अध्यक्ष एवं नगर निगम पार्षद रणवीर सिंह, को-ऑप्रेटिव बैंक के निदेशक प्रियव्रत शर्मा, जिला परिषद सदस्य प्रियंता शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सुदेश कुमार, उपनिदेशक प्राथमिक शिक्षा अमरनाथ, उपनिदेशक इंस्पैक्शन चिरंजी लाल सहित बड़ी संख्या में जिलाभर के शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, स्कूली बच्चों के अभिभावक, स्कूल प्रबंधन समितियों के पदाधिकारी एवं पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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