काम की खबर: जानिए कार के लिए क्यों जरूरी है रेडिएटर फ्लश, क्या हैं इसके फायदे

सार
रेडिएटर फ्लश को कूलेंट फ्लश भी कहा जाता है। यह कार रेडिएटर साफ करने वाले केमिकल्स का मिश्रण होता है। 

विस्तार
अगर आप अपनी कार से लंबी-लंबी ट्रिप करना पसंद करते हैं, तो कार की परफॉरमेंस बनाए रखने के लिए उसकी देखभाल करना भी बेहद जरूरी है। खासतौर पर लंबे सफर पर निकलने से पहले सर्विस सेंटर पर उसकी सर्विस जरूर कराएं।

इस दौरान कई लोगों को कार के इंजन के ओवरहीट होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार यह इंजन इतना गर्म हो जाता है, कि हादसा होने तक की आशंका हो जाती है। आज हम आपको रेडिएटर फ्लश के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपनी कार को लंबी ट्रिप्स के दौरान मेंटेन कर सकेंगे।

क्या है रेडिएटर फ्लश?


कूलेंट कार इंजन को ठंडा रखकर उसे ज्यादा सक्षम बनाता है। रेडिएटर फ्लश को कूलेंट फ्लश भी कहा जाता है। दरअसल यह कार रेडिएटर साफ करने वाले केमिकल्स का मिश्रण होता है। इससे स्केलिंग और जंग हटाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। 

कार के लिए क्यों जरूरी है रेडिएटर फ्लश?
कार के इंजन की ओवरहीटिंग रेडिएटर फ्लश की पहली निशानी है। यदि कूलेंट का स्तर बरकरार है, लेकिन कार ओवरहीट हो रही है, तो समझ जाइए कि कार दूषित कूलेंट पर चल रही है।


यदि कूलेंट लीक हो रहा है, तो भी आपको रेडिएटर फ्लश करवाना होगा। कोई भी लीकेज, रेडिएटर में गंदगी होने की निशानी है।


कूलेंट के रंग बदलने पर रेडिएटर फ्लश करवाना जरूरी है।
इसके अलावा यदि इंजन से नॉकिंग आ रही है, तो भी आपको रेडिएटर फ्लश करवाना होगा। अगर कूलेंट अपना काम ठीक से नहीं करता है, तो ओवरहीटिंग के साथ नॉकिंग भी संभव है।

इंजन के आस-पास किसी गंध का होना भी अच्छी बात नहीं है। इसका मतलब होता है कि इंजन के अंदर कूलेंट लीक हो रहा है। 

कैसे फायदेमंद है रेडिएटर फ्लश? 


रेडिएटर फ्लश स्टेलिंग और जंग को हटाने के साथ-साथ पुराने एंटी-फ्रीज अवशेषों को भी हटाने में मदद करता है। यदि आप समय-समय पर नियमित फ्लशिंग करते हैं, तो कार का कूलिंग सिस्टम बढ़िया रहता है और इंजन को ठीक तरह ठंडा रखता है।


रेडिएटर फ्लश दूषित कूलेंट में बनी झाग से भी निजात दिलाता है। दूषित कूलेंट में झाग बनने लगे तो नया कूलेंट डालने पर भी झाग बनने की आशंका रहती है। ऐसे में रेडिएटर फ्लश लाभदायक है।


रेडिएटर फ्लशिंग न कराने पर वॉटर पंप का फेल होना संभव है। जब कूलेंट दूषित होता है, इसके अवशेष पंप सील पर जम जाते हैं और सीलिंग सतह को घिसने लगते हैं। वॉटर पंप बेयरिंग की जिंदगी बढ़ाने के लिए कूलिंग सिस्टम की फ्लशिंग जरूरी है। 

ऑटो वर्ल्ड की अच्छी जानकारियों के लिए हमारे वेबसाइट राइट न्यूज़ इंडिया को लाइक एंड सब्सक्राइब करें।

error: Content is protected !!