मनरेगा मजदूरों को बिना काम मिले दिहाड़ी

कांग्रेस विधायक सुखविंदर सुक्खू ने कोविड महामारी से उपजे संकट के बीच मनरेगा मजदूरों को बिना काम के दिहाड़ी देने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी पर लगे मजदूर काफी संख्या में एक जगह एकत्रित हो रहे हैं। उनमें से अगर कोई संक्रमित हो तो अन्य लोग भी चपेट में आ सकते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार से आग्रह है कि मनरेगा के तहत काम के लिए जिन मजदूरों के नाम का मस्ट्रोल निकल चुका है, उन्हें दिहाड़ी दे दी जाए और सरकार काम को हालात सामान्य होने पर पूरा करवा ले। इससे मजदूर संक्रमण से भी बचे रहेंगे व उनके परिवार का गुजारा भी चल जाएगा। श्री सुक्खू ने कहा कि आरटीपीसीआर व रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट सरकार एक दिन में सुनिश्चित करे। अब चार से पांच दिन में टेस्ट रिपोर्ट आ रही है।अगर कोई संक्रमित है और रिपोर्ट आने में इतने दिन लग जाते हैं, तो वह ओरों को भी पॉजिटिव कर सकता है। इसलिए टेस्ट रिपोर्ट तुरंत आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार एक साल के लिए प्रशिक्षित पैरा मेडिकल कर्मचारियों की भर्ती कोरोना स्टाफ के नाम पर करे, इससे कोविड अस्पतालों में स्टाफ का संकट खत्म हो जाएगा। इन कर्मचारियों को भविष्य में निकलने वाली सरकारी भर्तियों में भी अधिमान मिले। चूंकि संकट के समय में इनके द्वारा दी गई सेवाओं को भुलाया नहीं जा सकता। श्री सुक्खू ने सरकार से पूछा कि कितने वेंटिलेटर स्टोर में पड़े जंग खा रहे हैं। इन्हें चलाने के लिए ऑपरेटर की भर्ती क्यों नहीं की जा रही। सरकार यह आंकड़े भी पेश करे कि कोविड महामारी आने के बाद कितने वेंटिलेटर ऑपरेटर भर्ती किए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वेंटिलेटर तो हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए ऑपरेटर ही नहीं हैं।

खुद पर लगाएं लॉकडाउन

सुक्खू ने जनता से आग्रह किया है कि कोरोना कर्फ्यू का पूरी तरह से पालन करें। खुद को 30 मई तक घर में सीमित कर लें, इससे कोरोना की चेन टूट जाएगी। संक्रमण का शिकार होने से बेहतर है कि सेल्फ लॉकडाउन लगा लिया जाए। मास्क सही से पहनें, घर से बिन काम बाहर न निकलें।

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