शिमला में पीठासीन अधिकारियों की बैठक 16 नवंबर से, नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पीठासीन अधिकारियों की बैठक इस साल 16 नवंबर से 19 नवंबर तक शिमला में की जाएगी. इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) करेंगे.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (,Lok Sabha Speaker Om Birla) इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगें. इस सम्मेलन में राज्यसभा उपसभापति, और राज्यो के पीठासीन अधिकारी शामिल होंगे. बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jai Ram Thakur) भी भाग लेंगे. सम्मेलन में कई मंत्री रहेंगे जबकि इस सम्मेलन का समापन हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल करेंगे.

लोकसभा अधक्षय ओम बिरला ने कहा कि लोकसभा, राज्यसभा और राज्यो के विधानसभा और विधानपरिषद को ज्यादा से ज्यादा सशक्त बनाने पर चर्चा की जायेगी. ओम बिरला का कहना है कि देश के लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का अहम रोल होता है और ऐसे में इन संस्थाओं को ज्यादा सशक्त किया जाए इसके लिए पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन किया जाता है. जनता के प्रति इस तरह के संस्थान ज्यादा जवाबदेह बने, जनप्रतिनिधियों को व्यापक अधिकार मिले, इन विषयों पर इस तरह के सम्मेलन में चर्चा की जाती है.

सम्मेलन का एजेंडा

लोकसभा अधक्षय ओम बिरला ने बताया कि इस सम्मेलन में दो बातों में प्रमुखता से चर्चा की जाएगी.

1- पिछले 100 सालों में कई मुद्दे इस तरह के सम्मेलन में आये, लेकिन इस पर कोई फैसला नही हो पाया. सभी मुद्दे पर इस सम्मेलन में चर्चा होगी. और कोशिश की जाएगी कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनाई जाए. ओम बिरला ने बताया कि देहरादून अधिवेशन में इस बात पर चर्चा हुई थी कि दल बदल कानून में पीठासीन अधिकारियों के अधिकार को सीमित किया जाए. जाहिर सी बात है कि इस मसले पर इन सम्मेलन पर चर्चा की जाएगी. और कोई कानून में बदलाव किए जाने की जरूरत पड़ेगी तो उसपर फैसला किया जाएगा.

2- पीठासीन अधिकरियो के अधिकार और दायित्व पर इस सम्मेलन में व्यापक तरीके से चर्चा की जाएगी.

इस तरह के सम्मेलन में महत्व

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन का बड़ा महत्व है. इस तरह के सम्मेलन में देश के कई मसलों पर चर्चा होती है. और बाद में इसपर कानून बनाया गया. दल बदल कानून, सदन का लाइव प्रसारण जैसे कई मसले है, जिसपर इस तरह के सम्मेलन में चर्चा हुई, जिसपर बाद में कानून बनाया गया.

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