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जादुई Rice Puller धातु से मिलने वाले थे 3 हजार करोड़, लेकिन उससे पहले पूरे परिवार ने कर ली आत्महत्या

महाराष्ट्र के सांगली जिले (Sangli District) में हुई एक ही परिवार के 9 सदस्यों की मौत ने देश को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस ने कहा है कि यह खुदकुशी का मामला लग रहा है. शुरुआती जांच से पता चला है कि मृत परिवार के दोनों मुखिया कर्ज में डूबे हुए थे.

इस मामले में 25 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं, 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सांगली जिले के म्हैसाल गांव का यह पूरा मामला है.

एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत से सकते में आए म्हैसाल गांव के निवासियों ने बताया कि वनमोरे बंधु किसी चावल खींचने वाली धातु (राइस पुलर) के सौदे की बात करते रहते थे. ऐसा सुनने में आया कि दोनों भाइयों को किसी विदेशी कंपनी से 3 हजार करोड़ रुपये मिलने वाले थे. वहीं, गांव में चल रही इस खुसरपुसर को लेकर सांगली के एसपी ने कहा कि ये सभी लोगों के बीच चल रही महज एक चर्चा है, उनके पास फिलहाल इसकी पुष्टि करने के लिए कुछ भी नहीं है.

– म्हैसल गांव में चर्चा है कि दोनों भाई चावल खींचने वाले राइस पुलर यानी चावल खींचने वाली जादुई धातु के सौदे में शामिल थे. एक गिरोह ने वनमोरे बंधुओं से वादा किया था कि अगर उन्हें ‘चावल खींचने वाली’ वस्तु मिलती है तो उन्हें भारी मुनाफा होगा. कथित तौर पर दोनों भाई गिरोह के चंगुल में फंसकर इस तरह के सौदे के लिए उधार पैसे लेते जा रहे थे.

– ‘राइस पुलर’ ठगी देश और खासकर महाराष्ट्र के ग्रामीण हिस्सों में आम हैं. इस तरह की ठगी को अंजाम देने वाला गिरोह लोगों से राइस पुलर मतलब चावल खींचने वाली कथित जादुई धातु में निवेश करने के लिए मनाने की कोशिश करता है, जो तांबे और इरीडियम की मिश्रित धातु है.

– ठग दावा करते हैं कि राइस पुलर (जो कि लोटे, कटोरे, गिलास या मूर्ति के आकार का हो सकता है) चुंबकीय शक्ति के चलते अत्यधिक मूल्यवान है, और जिसे नासा (NASA) जैसी वैज्ञानिक संस्था उपग्रहों और स्पेस में ऊर्जा पैदा करने के लिए करोड़ों की कीमत में खरीदती है. इसी लालच में लोग ठगों से लाखों और करोड़ों की कीमत में ‘राइस पुलर’ खरीद लेते हैं. जबकि कोई भी संस्था उनसे इस ‘राइस पुलर’ को खरीदने नहीं आती.

– शातिर ठग यह भी बताते हैं कि जो लोग मोटी रकम चुकाकर ऐसा बर्तन खरीदते हैं, तो उनके व्यापार और धन में दिन दूनी और रात चौगुनी वृद्धि होती है. ‘राइस पुलर’ को चमत्कारी बताने वाले एक खास टेस्ट भी कराते हैं, जो इसके असली या नकली होने की पहचान बताया जाता है.

घटना कैसे सामने आई?

– आईजी लोहिया के मुताबिक, गांव की एक लड़की माणिक वनमोर के घर यह जानने के लिए गई थी कि उनके यहां से कोई अब तक दूध लेने क्यों नहीं आया? तब उस बच्ची ने घटना के बारे में गांव के लोगों को बताया. एक स्थानीय निवासी ने कहा कि पोपट वनमोर की बेटी कोल्हापुर में एक बैंक में काम करती थी. वह और उसकी दादी (वनमोर भाइयों की मृत मां) रविवार को ही घर आईं थीं.

– पुलिस को संदेह है कि उन्होंने अपने जीवन को समाप्त करने के लिए कुछ जहरीले पदार्थों का सेवन किया होगा. घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट्स में लिखे नामों के आधार पर इस मामले में 25 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है.

– सांगली के एसपी दीक्षित गेदाम ने बताया कि सुसाइड नोट में यह उल्लेख किया गया था कि दोनों भाई किसी व्यापार के लिए पैसे चाहते थे. हालांकि, आखिर क्या व्यापार है, इसकी जांच बाद में की जाएगी. लेकिन विस्तृत जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ही मौत की सही वजह खुलेगी.

वसूली के नोटिस भी मिले थे

– कोल्हापुर रेंज के आईजी मनोजकुमार लोहिया ने बताया, दोनों भाइयों ने तमाम लोगों से पैसे उधार लिए थे. जिन घरों में शव मिले थे, उनकी दूरी एक-दूसरे से 1.5 किमी हैं. उन्होंने कहा कि माणिक वानमोर के घर में 6 शव पाए गए, जिनमें वह खुद, उनकी पत्नी, मां, बेटी, बेटे और भतीजे (पोपट वानमोर का बेटा), जबकि पोपट वानमोर, उनकी पत्नी और बेटी के शव डेढ़ किमी दूर दूसरे घर में मिले.

– सुसाइड नोट्स से पता चलता है कि उन्होंने बहुत अधिक उधार लिया था. मृतकों में से एक पोपट वनमोर को कुछ क्रेडिट संस्थानों से वसूली के नोटिस भी मिले थे. हालांकि, हम सभी एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं.

एक टीचर और एक पशुओं का डॉक्टर

बता दें कि सांगली जिले के म्हैसाल गांव में सोमवार को दो भाइयों और उनके परिवार के 9 सदस्यों के शव दो अलग-अलग घर में पाए गए. पुलिस ने दो भाइयों की पहचान पोपट वनमोर (54), डॉ माणिक वनमोर (49), उनकी मां अक्कताई वनमोर (74) के अलावा अन्य मृतकों की पहचान अर्चना वनमोर (29), संगीता पोपट वनमोर (46), शुभम पोपट वनमोर (24), रेखा माणिक वनमोर (43), प्रतीक्षा माणिक वनमोर (20) और आदित्य माणिक वनमोर (16) के रूप में की है. पोपट वनमोर एक टीचर थे, जबकि माणिक वनमोर एक पशुओं के डॉक्टर थे.

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