बदमाशों ने एलजेपी नेता अनिल उरांव का किया अपहरण, फिरौती में मांगे 10 लाख रुपये

बिहार के पूर्णिया में अज्ञात लोगों ने लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के नेता का कथित तौर पर अपहरण कर लिया और उनके परिवार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। यह जानकारी पुलिस ने दी है। नेता की पहचान 38 साल के अनिल उरांव के तौर पर हुई है। वे एलजेपी के प्रदेश अध्यक्ष (एसटी सेल) हैं। उन्होंने कटिहार की मनिहार सीट से 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। 

खजांची हाट (टाउन) पुलिस स्टेशन के तहत जयप्रकाश नगर में परिवार के सदस्यों ने कहा कि अनिल उरांव के मोबाइल नंबर पर गुरुवार दोपहर को एक फोन आया। इसके बाद वह अपने भतीजे के साथ बाइक पर कोर्ट स्टेशन पूर्णिया के लिए रवाना हो गए। अपहृत नेता के करीबी रिश्तेदार विक्रम उरांव ने कहा, ‘भतीजे ने उन्हें कोर्ट स्टेशन पर छोड़ दिया और जब वे देर शाम तक वापस नहीं आए तो हमने उन्हें खोजना शुरू कर दिया। इसके बाद हमने खजांची हाट पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।’

गुरुवार देर शाम अपहरणकर्ताओं ने अगवा नेता के मोबाइल फोन से फोन करके 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिवार के सदस्यों ने कहा, अपहरणकर्ताओं ने शुक्रवार सुबह को फिर दोबारा फोन किया। हम अनिल की सुरक्षित वापसी के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं। शीर्ष पुलिस अधिकारी जिसमें पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दयाशंकर, सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) नेता के आवास पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से बात की।

खचांजी हाट पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) सुनील कुमार मंडल ने कहा, ‘हमने नेता की सुरक्षित वापसी के लिए बड़े पैमाने पर सर्च करना शुरू कर दिया है। पुलिस कई एंगल से घटना की जांच कर रही है।’ पुलिस सूत्रों के अनुसार जमीन के दलालों ने नेता का अपहरण किया होगा क्योंकि अगवा नेता जमींदार रहे हैं। परिवार को भूमि के रिकॉर्ड में हेरफेर के लिए दोषी ठहराया गया है।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘अपहृत नेता के पिता, जय प्रकाश उरांव पूर्णिया रजिस्ट्री कार्यालय में एक कर्मचारी थे और उन्होंने कार्यालय में जमीन से जुड़े कई दस्तावेजों को पृथक कर दिया था।’

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