जस्टिस यूयू ललित का वरिष्ठ वकीलों से आवाहन; गरीबों और वंचितों को मुफ्त कानूनी सहायता मुहैया कराए

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित ने रविवार को वरिष्ठ वकीलों से आह्वान किया कि वे देश के गरीब व वंचित वर्ग के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता अवश्य मुहैया कराएं, ताकि गुणवत्तापूर्ण न्याय तक उनकी पहुंच हो सके।

राष्ट्रीय विधिक सहायता प्राधिकरण (nalsa) के कार्यकारी चेयरमैन जस्टिस ललित कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कलबुर्गी के सहयोग से आयोजित व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। इसका विषय था ‘सतत विकास लक्ष्यों 2020 को प्राप्त करने में अधिकारों और अधिकारों की प्राप्ति’।

जस्टिस ललित ने कहा कि पैनल के वकीलों को प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है। समस्या का हल यह है कि कुछ वरिष्ठ वकीलों को गरीबों को निशुल्क विधिक सहायता मुहैया कराना चाहिए। गरीबों व निचले तबके के लोगों को विधिक सहायता का मतलब यह नहीं है कि वह हल्के स्तर व हल्के मानदंडों की हो। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए जस्टिस ललित ने कहा कि महिलाओं को इस हद तक सशक्त किया जाना चाहिए कि वे हम में से प्रत्येक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकें।

जस्टिस ललित ने कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की तारीफ करते हुए कहा कि इसने कोर्ट कैंपस के बाहर विधिक सेवा क्लिनिक बनाकर और कानून के प्रति जागरूकता लाने के लिए ग्राफिक नॉवेल जारी कर उम्दा काम किया है।

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