जो बाइडेन की स्पीच; लोकतंत्र बहुमूल्य, मैं सभी का प्रेजिडेंट और हिंसा ने संसद की हिलाया

भारत में जब बुधवार को रात 10.30 बज रहे थे, तब अमेरिका को अपना 46वां और सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति मिला। 78 साल के जो बाइडेन ने कैपिटल हिल्स पर 127 साल पुरानी बाइबिल पर हाथ रखकर राष्ट्रपति पद की शपथ ली। इस वक्त उनकी पत्नी जिल बाइडेन ने बाइबिल हाथ में उठा रखी थी। बाइडेन की इनॉगरल स्पीच में निशाने पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ही रहे। बाइडेन ने तंज किया कि जो राष्ट्रपति यहां नहीं आए हैं, उनका भी शुक्रिया।

नए अमेरिकन राष्ट्रपति जो बाइडेन

बाइडेन ने 7 जनवरी को कैपिटल हिल्स पर हुई हिंसा को लेकर बाइडेन ने कहा, ‘आज हम जहां खड़े हैं, वहां कुछ दिन पहले भीड़ ने सोचा था कि वह हिंसा से लोगों की इच्छा को बदल देंगे। लोकतंत्र को रोक देंगे, हमें इस पवित्र जगह से हटा देंगे। ऐसा नहीं हुआ। ऐसा नहीं होगा। न आज, न कल और कभी नहीं।’

बाइडेन की इनॉगरल स्पीच की 10 अहम बातें

1. हमने सीखा कि लोकतंत्र बेशकीमती है और कायम भी
बाइडेन ने अपनी इनॉगरल स्पीच में कहा, ‘यह अमेरिका का दिन है। यह लोकतंत्र का दिन है। यह उम्मीदों का दिन है। आज हम किसी उम्मीदवार का जश्न मनाने नहीं जुटे हैं, हम लोकतंत्र के लिए जुटे हैं। हमने एक बार फिर सीखा है कि लोकतंत्र बेशकीमती है और नाजुक भी है, लेकिन लोकतंत्र यहां कायम है।’

2. हिंसा ने संसद की बुनियाद को हिला दिया था
बाइडेन बोले, ‘कुछ दिन पहले ही यहां पर हुई हिंसा ने कैपिटल हिल्स की बुनियाद को हिला दिया था, जबकि दो सौ साल से सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण हो रहा था। मैं दोनों दलों के पूर्व राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। उस प्रेसिडेंट को भी सलाम, जो यहां नहीं आए, लेकिन उन्हें अमेरिका की सेवा करने का मौका मिला।’

3. कोरोना जैसा मुश्किल वक्त अमेरिका ने नहीं देखा
उन्होंने कहा, ‘हम अच्छे लोग हैं। हमें अब भी लंबा रास्ता तय करना है। हमें बहुत कुछ करना है। हमें बहुत कुछ बनाना है, बहुत कुछ हासिल करना है। अभी जैसा मुश्किल वक्त है, वैसा अमेरिकियों ने पहले नहीं देखा। ऐसा वर्ल्ड वॉर-2 में भी नहीं हुआ। लाखों नाैकरियां चली गईं। लाखों कारोबार बंद हो गए। चरमपंथ, व्हाइट सुप्रीमेसी, आतंकवाद जैसी चीजों को हम शिकस्त देंगे। अमेरिका का भविष्य तय करने के लिए शब्दों से भी आगे जाकर बहुत कुछ करने की जरूरत होती है। एकजुट रहना, एकता बनाए रखना जरूरी है।’

4. नफरत और चरमपंथ को हम एकजुट होकर हरा सकते हैं
बाइडेन बोले, “पूरे अमेरिका को एकजुट रखना ही मेरी आत्मा की कोशिश है। मैं हर अमेरिकी इस मकसद से जुड़ने की अपील करता हूं। गुस्सा, नफरत, चरमपंथ, हिंसा, नाउम्मीदी को हम एकजुट होकर हरा सकते हैं। हम इस वायरस से भी उबर सकते हैं। हम इंसाफ को कायम रख सकते हैं। हो सकता है कि जब मैं यूनिटी की बात कर रहा हूं तो यह कुछ लोगों को मूर्खता लगे, लेकिन अमेरिका लगातार भाई-भतीजावाद, नस्लवाद से जूझता रहा है। जीत हमेशा पक्की नहीं होती। हमने 9/11 देखा। लंबा संघर्ष देखा।’

5. नए सिरे से शुरुआत का वक्त, एक-दूसरे की बात सुनें
US प्रेसिडेंट ने कहा, ‘इतिहास बताता है कि एकता ही कायम रखनी चाहिए। हम एक-दूसरे का सम्मान करें। एकता के बिना अमन नहीं आएगा। इसके बिना तरक्की नहीं होगी। देश नहीं बचेगा, सिर्फ अराजकता होगी। हम संकट में हैं। हमारे सामने चुनौती है। यह मोमेंट यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका है। इसे मानेंगे तो हम कभी नाकाम नहीं होंगे। इसलिए आज इस वक्त, इस जगह पर आइए हम नए सिरे से शुरू करेंगे। आइए हम एक-दूसरे की बात सुनें। एक-दूसरे का सम्मान करें। हर असहमति के लिए जरूरी नहीं कि जंग ही छेड़ दी जाए। तथ्यों को तोड़ना-मोड़ना या अपने हिसाब से गढ़ना जरूरी नहीं है।’

6. 108 साल पहले हुए आंदोलन के चलते हैरिस आज यहां हैं
बाइडेन ने कहा कि अमेरिका जो अभी है, उससे भी बेहतर हो सकता है। 108 साल पहले हजारों महिला प्रदर्शनकारियों ने यहीं आकर राइट टू वोट मांगा था। आज यहां पर कमला हैरिस के तौर पर पहली महिला उपराष्ट्रपति हैं।

7. जो मुझे सपोर्ट नहीं करते हैं, मैं उनका भी राष्ट्रपति हूं
वो बोले, ‘यहां सिविल वॉर जैसे हालात थे। वॉयलेंस हमारे काम को साइलेंस नहीं होने दे सकता। अगर आप असहमत हैं तो रहिए। यही अमेरिका है। शांति बनाए रखते हुए असहमति रखी जा सकती है। मैं हर एक अमेरिकी का राष्ट्रपति हूं। मैं वादा करता हूं कि जो मुझे सपोर्ट नहीं करते, उनका भी मैं उतना ही राष्ट्रपति हूं, जितना मेरे समर्थकों का हूं।’

8. अन-सिविल वार को हमें रोकना होगा
उन्होंने कहा, ‘अवसरों, सुरक्षा, गरिमा और सच का सम्मान होना चाहिए। सत्ता और मुनाफे के लिए झूठ बोले जाते हैं। नेता इसलिए संविधान की शपथ लेते हैं ताकी वो सच का साथ दें और झूठ को शिकस्त दें। अन-सिविल वॉर को हमें राेकना होगा। अगर हमारा मन खुला होगा, हममें सहने की ताकत होगी और हम खुद को दूसरे की जगह रखकर देखेंगे तो यह मुमकिन होगा। हमें एक-दूसरे के लिए यही करना है, तभी हमारा देश मजबूत होगा। एकदूसरे से असहमति रखकर भी हमारा देश मजबूत हो सकता है।’

9. कोरोना से हमें एकजुट राष्ट्र की तरह लड़ना होगा
बाइडेन ने कहा कि कोरोना महामारी से हमें एकजुट राष्ट्र के तौर पर लड़ना है। दुनिया हमें देख रही है। मेरा उनके लिए संदेश है कि अमेरिका की परीक्षा हुई है। हम तैयार हैं। हम ताकत से नेतृत्व नहीं करेंगे, बल्कि उदाहरण के साथ नेतृत्व करेंगे। मैं बतौर राष्ट्रपति आपसे कहूंगा कि महामारी में जान गंवाने की आत्माओं के लिए मौन रखकर दुआ करें। हम उनका सम्मान करते हैं।

10. हमें परखा जाएगा, आंका जाएगा और हम नया अध्याय लिखेंगे
आखिर में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमें बहुत कुछ करना है। मैं वादा करता हूं। हमें परखा जाएगा, आंका जाएगा। मुझे लगता है कि हम मिलकर अमेरिकी इतिहास का नया महान अध्याय लिखेंगे। हमने अगर ये कर दिखाया तो आने वाली पीढ़ियां कहेंगी कि हमने अच्छा काम किया। मैं संविधान की रक्षा करूंगा। लोकतंत्र की रक्षा करूंगा। अमेरिका की हिफाजत करूंगा। हमें अमेरिकी की नई कहानी लिखनी है, जो डर से नहीं, उम्मीदों से भरी हो। गॉड ब्लेस अमेरिका। थैंक यू अमेरिका।’

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