पचास छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं की अश्लील फोटो बना कर ब्लैकमेल करने वाला आईटी छात्र गिरफ्तार

उत्तरी जिले की साइबर सेल ने दिल्ली की नामी स्कूलों की पचास से ज्यादा छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं का साइबर स्टॉकिंग करने के आरोप में आईआईटी के छात्र को पटना बिहार से गिरफ्तार किया है।

आरोपी नामी स्कूल की छात्राओं और शिक्षिकाओं के फोटो से छेड़छाड़ कर अश्लील तस्वीरें भेजकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। इतना ही नहीं आरोपी एप के जरिए स्कूल में होने वाली ऑनलाइन क्लास में भी शामिल हो जाता था। साइबर स्टॉकिंग के लिए आरोपी फर्जी कॉलर आईडी, बात करने के लिए वाईस चेंजिंग एप और वर्चुअल नंबर के लिए हाईटेक ऐप का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया है।

छात्राओं की फोटो से करता था छेड़छाड़

पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कल्सी ने बताया कि आरोपी की पहचान गुआरी बाजार पटना बिहार निवासी महावीर (19) के रूप में हुई है। वह आईआईटी खडग़पुर में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। अगस्त माह में सिविल लाइंस इलाके में स्थित एक नामी स्कूल प्रशासन ने शिकायत दी थी। जिसमें बताया गया कि अज्ञात व्यक्ति ने कई छात्राओं की फोटो से छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया है। पुलिस ने संबंधित धारा में मामला दर्ज कर लिया। जिले की साइबर सेल ने निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की।

ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
जांच के दौरान स्कूली छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षिकाओं से पूछताछ की। जिसके जरिए पता चला कि आरोपी नाबालिग स्कूली छात्रों के फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर छात्राओं के सहेलियों से संपर्क करता था। उनकी स्कूल में होने वाली ऑनलाइन क्लास में भी शामिल हो जाता था। पुलिस ने 33 व्हाट्सऐप वर्चुअल नंबरों, पांच इंस्टाग्राम प्रोफाइल और फर्जी कॉलर आईडी के इस्तेमाल करके की गई कई कॉल की पहचान की। इस दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी तीन साल पहले भी एक नंबर के जरिए एक छात्रा को ब्लैकमेल किया था। पुलिस ने उस नंबर, एप, व्हाट्सएप चैट और फर्जी आईडी के आईपी एड्रेस के जरिए आरोपी तक पहुंचकर उसे पटना से गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करता था स्टॉकिंग

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि प्ले स्टोर पर मौजूद हाईटेक एप की मदद से फर्जी कॉलर आईडी बनाता था। फिर वर्चुअल नंबर के जरिए स्कूल की छात्राओं से संपर्क करके उन्हें ब्लैकमेल करता था। आरोपी टेक्नोफ्रेंडली है। वह एप के जरिए जब छात्राओं से बात करता था तो छात्राओं को उनके मोबाइल पर अपना नंबर ही दिखाता था। पुलिस से बचने के लिए आरोपी वर्चुअल नंबर से ही छात्राओं का उसके फोटो से छेड़छाड़ कर अश्लील फोटो को उनके व्हाट्सएप नंबर पर भेजकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। जांच में पता चला कि आरोपी पिछले तीन साल से छात्राओं व शिक्षिकाओं को साइबर स्टॉकिंग कर रहा था।

छात्राओं के ऑनलाइन क्लास में हो जाता था शामिल
आरोपी इंस्टाग्राम पर बनाए गए फर्जी अकाउंट के जरिए छात्राओं और उनकी सहेलियों से संपर्क करता था। उनके लिंक लेकर वह छात्राओं के ऑनलाइन कक्षा में शामिल हो जाता था। वह आवाज को बदलने के लिए वॉयस चेंजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर छात्राओं से व्हाट्सएप कॉल पर बात करता था। उसने बताया कि एक दोस्त से उसने यह सब सीखा था।

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