छात्रवृत्ति घोटाले में 9 शिक्षण संस्थान चलाने कृष्ण, राजदीप और बबिता समेत बैंक मैनेजर से पूछताछ

265 करोड़ से जुड़े छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने वीरवार को जांच दायरे में आए चंडीगढ़ स्थित एक बैंक मैनेजर सहित कुछ अन्यों से पूछताछ की। सीबीआई के शिमला स्थित कार्यालय में यह प्रक्रिया अमल में लाई गई। इस दौरान जांच टीम ने संबंधित बैंक में छात्रों के हजारों की संख्या में खोले गए खातों को लेकर अमल में लाई गई पूरी प्रक्रिया और उन सभी खातों से किस तरह छात्रवृत्ति की राशि दूसरी जगह ट्रांसफर हुई, उस संबंध में पूछताछ की। जांच दायरे में आए 5 बैंकों के कुछ अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भी आगामी दिनों में पूछताछ के लिए तलब किया है। इसके साथ ही सीबीआई ने फर्जी तरीके से 9 शिक्षण संस्थान चला रहे कृष्ण कुमार, राजदीप सिंह और बबिता राजटा से भी लंबी पूछताछ की। ये तीनों 5 दिन के रिमांड पर चल रहे हैं। छानबीन में मिले तथ्यों के आधार पर टीम ने सवाल-जवाब किए।

पूछताछ में कई नए तथ्य उभर कर आए सामने

सूत्रों के अनुसार फर्जी दाखिलों के आधार पर बिना मान्यता संस्थानों के लिए किस तरह से छात्रवृत्ति मिल गई और इस पूरे प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही, उसको लेकर भी पूछताछ की गई। इस दौरान कई नए तथ्य भी उभर कर सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में जल्द ही 3 से 4 गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। इस मामले में एक माह के भीतर चालान पेश हो सकता है।

कई संपत्तियों का खुलासा, दस्तावेज मिले

सीबीआई की जांच में कई ऐसी संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है, जिनमें छात्रवृत्ति के माध्यम से हड़पी राशि का प्रयोग हुआ है। सूत्रों के अनुसार हिमाचल के साथ बाहरी राज्यों में संबंधित राशि अलग-अलग कार्य में इन्वैस्ट हुई। गिरफ्तार किए गए तीनों निदेशकों के घरों में हुई दबिश के दौरान भी कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। इसके साथ ही बबिता राजटा के भाई राकेश गाजटा के घर और निजी कंपनी चलाने वाले अरविंद राजटा के भाई के 2 हिस्सेदारों के ढली स्थित घरों में भी दबिश के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी पड़ताल जारी है।

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