2027 में भारत को मिल सकती है पहली महिला चीफ जस्टिस, 9 में से 3 महिला जजों के नाम की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम (Supreme Court Colllegium) ने 22 महीने बाद 9 नई नियुक्तियों की सिफारिश भेजी है. मिली जानकारी के अनुसार चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमण (CJI NV Ramana) ने मंगलवार को सरकार के पास यह नाम भेजे हैं. 9 नामों में से तीन नाम महिला न्यायाधीशों के हैं. तीन महिला न्यायाधीशों में से एक आने वाले समय में भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी बन सकती हैं. कॉलेजियम ने पहली बार तीन महिला न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है. इसमें कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बी वी नागरत्ना, तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली और गुजरात हाईकोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी के नाम सरकार को भेजे गए हैं.

इसमें जज जस्टिस नागरत्ना भारत की पहली महिला सीजेआई बन सकती हैं. नागरत्ना साल 2027 में सीजेआई बन सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल एक महिला जज जस्टिस इंदिरा बनर्जी हैं. वह सितंबर 2022 में सेवानिवृत्त होने वाली हैं. सर्वोच्च न्यायालय में अब तक केवल आठ महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है. जज जस्टिस रोहिंटन नरीमन के सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के कुछ ही दिनों बाद यह सिफारिशें की गई हैं. जज जस्टिस नरीमन साल 2019 से कॉलेजियम के सदस्य थे. अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार नरीमन, कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अभय ओका और त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी की सिफारिश पहले करने की बात कर रहे थे. वह अपने रुख पर अड़े हुए थे, जिसके चलते कोलेजियम से नाम भेजे नहीं जा रहे थे.

कोलेजियम ने की इन नामों की सिफारिश
रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ओका के साथ ही गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ और सिक्किम हाईकोर्ट के जस्टिस जे के माहेश्वरी के भी नामों की सिफारिश की गई है. वहीं बार से कोलेजियम ने पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा का नाम दिया है. वहीं हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस सीटी रविकुमार, जज जस्टिस एमएम सुंदरेश के नाम की सिफारिश भी की गई है.

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