पैसा नहीं चुकाया तो 8% सालाना देना होगा ब्याज, डिविडेंड से पैसा काट सकती है कंपनी

  • राइट्स इश्यू की पहली किस्त का पैसा निवेशकों को 17 मई से 31 मई के बीच देना है
  • दूसरी किस्त का पैसा नवंबर में देना है जो 628.50 रुपए प्रति शेयर की दर से होगा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के राइट्स इश्यू की पहली किस्त का पैसा देने का समय आ गया है। यह पैसा निवेशकों को 17 मई से 31 मई के बीच देना है। अगर आपने यह पैसा तय समय में नहीं दिया तो आपको 8% सालाना ब्याज देना होगा। ब्याज नहीं चुकाया तो कंपनी डिविडेंड से यह पैसा ले सकती है।

निवेशकों को दी गई नोटिस

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस संबंध में एक नोटिस निवेशकों को दिया है। नोटिस में यह जानकारी दी गई है। पिछले साल आए राइट्स इश्यू में निवेशकों को चार बार में पैसा देना था। इसमें 314.25 रुपए प्रति शेयर की दर से मई 2021 में और 628.50 रुपए प्रति शेयर की दर से नवंबर 2021 में पैसा देना है। जबकि 314.25 रुपए का पेमेंट राइट्स इश्यू जब खुला था, तभी देना था। कंपनी ने 42.46 करोड़ शेयर राइट्स इश्यू में जारी किया था। यह इश्यू 1,257 रुपए पर आया था।

इस पेमेंट को ऑन लाइन या फिर चेक डिपॉजिट के जरिए किया जा सकता है। पेमेंट से संबंधित मामलों में आप इसके वॉट्सऐप नंबर पर भी बात कर सकते हैं। रिलायंस का यह राइट्स इश्यू 20 मई 2020 से 3 जून 2020 तक खुला था। यह उस समय 1428 रुपए की तुलना में 13 पर्सेंट कम भाव पर आया था।

कर्ज उतारने का मकसद

दरअसल मुकेश अंबानी वित्तीय वर्ष 2021 तक आरआईएल को कर्जमुक्त करने का उद्देश्य रखे थे। उन्होंने सउदी अरामको के साथ डील से बड़ा हिस्सा बेचकर पैसे जुटाने की तैयारी की थी। लेकिन तेल की कीमतों में भयानक गिरावट ने उनकी इस योजना पर पानी फेर दिया था और आज तक यह डील अटकी हुई है। कंपनी ने उसके बाद जियो टेलीकॉम में फेसबुक, बीपी और सिल्वर लेक जैसी कंपनियों को हिस्सा बेच कर पैसे जुटाई थी। बाद में इसने रिलायंस रिटेल में भी हिस्सेदारी बेची।

जिनके पास पहले से शेयर थे, वही भाग ले सकते थे 

कंपनी की ओर से जारी शर्तों के मुताबिक राइट्स इश्यू में वही निवेशक भाग ले सकता था, जिसके पास पहले से कंपनी के शेयर थे। पहले के हर 15 शेयर पर राइट्स इश्यू का एक शेयर मिला था। यानी आपके पास अगर 90 शेयर पहले से थे तो आपको 6 शेयर राइट्स इश्यू से मिलेंगे। इसकी प्रति शेयर कीमत 1,257 रुपए थी। जिन लोगों के पास आरआईएल का शेयर रहा होगा, उनके अकाउंट में उस आधार पर राइट्स इश्यू के शेयर इंटाइटलमेंट के रूप में गए थे।

सेबी ने जनवरी में लाया था नियम 

बता दें कि सेबी ने पिछले साल जनवरी में नियम लाया था। नियम के मुताबिक अब कंपनियों द्वारा लाए जाने वाले राइट्स इश्यू भी लिस्ट होंगे और ये शेयरों की तरह कारोबार करेंगे। पहले ऐसा नियम नहीं था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के राइट्स इश्यू भी एनएसई पर लिस्ट हुए और कारोबार शुरू किए। पहले दिन यह शेयर 158 रुपए के ऊपर खुला और बंद होते समय यह अपर सर्किट 212 रुपए को हिट किया था। यानी निवेशकों को एक दिन में 40 पर्सेंट का फायदा हुआ था।

25 पर्सेंट के पेमेंट पर खरीद सकते थे शेयर

इंटाइटलमेंट का मतलब यह है कि आप चाहें तो इस शेयर को खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको 25 पर्सेंट पैसे का भुगतान करना होगा। बाकी पैसा बाद में देना था। लेकिन अगर आप इस इंटाइटलमेंट शेयर को नहीं खरीदना चाहते हैं तो आप इसे किसी को भी बेच सकते थे। मान लीजिए कि आपके पास आरआईएल के 105 शेयर हैं तो आपको 7 इंटाइटलमेंट शेयर मिले थे और उसी दौरान आप इसे बेच सकते थे। हालांकि निवेशक खुले बाजार से भी इस इंटाइटलमेंट शेयर को खरीद सकते थे। इनटाइटलमेंट शेयर एनएसई पर 29 मई तक कारोबार किया था। 3 जून को राइट्स इश्यू बंद हुआ।

690 रुपए पर लिस्ट हुआ था शेयर

रिलायंस इंडस्ट्रीज का राइट्स इश्यू का शेयर एनएसई पर 690 रुपए पर लिस्ट हुआ था। लिस्टिंग के बाद यह शेयर हालांकि 710 रुपए तक गया। यह 73.80 पर्सेंट के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भारत के सबसे बड़े 53,124.2 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू को पूरा किया था। इस इश्यू को अंतिम दिन 1.59 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। यानी 53,125 करोड़ की तुलना में इसे 84,000 करोड़ रुपए के लिए आवेदन मिले थे।

अंतिम बार 1991 में पैसा जुटाया था 

कंपनी ने अंतिम बार जनता से 1991 में पैसा जुटाया था उसके बाद 2020 में पैसा जुटाया था। इससे पहले बड़े राइट्स इश्यू में वोडाफोन आइडिया ने 25 हजार करोड़ का इश्यू लाया था। एयरटेल ने 24,939 करोड़ रुपए का राइट्स इश्यू लाया था। 2020 राइट्स इश्यू से पहले रिलायंस पर 3.36 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। हालांकि इसके पास 1.57 लाख रुपए की नकदी और इसके बराबर की रकम थी तो शुद्ध कर्ज 1.61 लाख करोड़ रुपए था।

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