रक्षाबंधन पर मायके आई महिला को पति ने चुपके से बुलाकर की हत्या, लाश के चेहरे पर फेंका तेजाब

उत्तर प्रदेश। रक्षाबंधन पर मायके आई नवविवाहिता को 21 अगस्त की रात पति ने चुपके से गांव के बाहर बुलाकर मार डाला और शव खेत में फेंक दिया। पहचान छुपाने के लिए शव पर तेजाब डालकर आरोपी मौके से भाग गए।

बुधवार को शव मिलने पर परिजनों ने उसकी पहचान की। मृतका के पिता ने पति, देवर और ससुर के खिलाफ दहेज के लिए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

अल्हागंज थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव के रहने वाले राकेश कुमार ने बेटी ज्ञान देवी (20) का विवाह एक जुलाई को फर्रुखाबाद जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी जवाहरलाल के बेटे आलोक राजपूत से की थी। राकेश के मुताबिक शादी के बाद से ही ससुराल के लोग दो लाख रुपये, सोने की जंजीर, बाइक की मांग कर रहे थे। दहेज न देने पर बेटी को प्रताड़ित करते थे। रक्षाबंधन त्योहार के लिए राकेश 17 अगस्त को अपनी बेटी को विदा कराकर मायके ले आया था।

राकेश के मुताबिक 21 अगस्त की देर रात किसी समय उसका दामाद आलोक गांव के बाहर आया और उसकी बेटी को फोन कर चुपके से बुलाया। इसके बाद ज्ञान देवी को बाइक पर बैठाकर गांव से थोड़ी दूर एक डेयरी फार्म के पीछे चारे के खेत में ले गया। खेत में ज्ञान देवी की हत्या कर दी और शव पर तेजाब डाल दिया। खेत में शराब की बोतल और खाने-पीने का सामान मिला है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्यारे एक से ज्यादा थे।

राकेश के मुताबिक रात में जब उसकी बेटी लापता हो गई तो उसने डायल-112 के जरिये पुलिस को सूचना दी और बेटी को तलाश करने लगा। बुधवार दोपहर खेत में शव मिलने की सूचना पर परिजन वहां पहुंचे और ज्ञान देवी के कपड़ों और चूड़ियों से पहचान की। बेटी के झुमके और अंगूठी गायब हैं। राकेश ने अल्हागंज थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि बेटी के पति आलोक, ससुर जवाहरलाल और जेठ अमित ने मिलकर उसकी हत्या की है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं आरोपी पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने की बात भी सामने आ रही है।

एसपी एस. आनंद ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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