Covid Guidelines: गृह मंत्रालय ने 31 अक्टूबर तक कोरोना दिशानिर्देशों को बढ़ाया

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को त्योहारी सीजन के नजदीक आने पर कोविड-19 के लिए कंटेनमेंट दिशा-निर्देशों को 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया. बाजारों में भीड़ बढ़ने की उम्मीद के साथ, गृह सचिव ने सभी राज्यों को कोरोना गाइडलाइंस को ठीक से लागू करने के लिए एक पत्र भी लिखा.

अजय कुमार भल्ला ने अपने पत्र में कहा, ‘देश में रोजाना कोविड -19 मामले और कोविड -19 मरीजों की कुल संख्या में लगातार गिरावट आ रही है. हालांकि, अभी भी कुछ राज्यों में वायरस के स्थानीय प्रसार हैं और हमारे देश में कोविड -19 अभी भी एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है,’

पत्र में कहा गया है, ‘उन कार्यक्रमों में काफी सतर्कता बरती जाए जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे ताकि कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका से बचा जा सके.’ उसमें कहा गया है, ‘मेलों, त्यौहारों और धार्मिक कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर लोगों के जमा होने से देश में कोविड-19 के मामले बढ़ सकते हैं.’ गृह सचिव ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने यहां हर जिले में संक्रमण दर और अस्पताल व आईसीयू में बिस्तरों की संख्या पर करीब से निगाह रखनी चाहिए.

‘प्रसार को काबू करने के किए जाएं उपाय’

अजय कुमार भल्ला ने कहा कि जिन जिलों में संक्रमण दर अधिक है, वहां पर संबंधित प्रशासन को अति सक्रिय उपाय करने चाहिए ताकि मामलों में वृद्वि को रोका जा सके और वायरस के फैलाव को काबू किया जा सके. भल्ला ने कहा कि यह भी जरूरी है कि मामलों में बढ़ोतरी की आशंका की चेतावनी देने वाले संकेतों को जल्दी पहचाना जाए और प्रसार को काबू करने के उपाय किए जाएं. उन्होंने कहा, ‘इसके लिए स्थानीय दृष्टिकोण की जरूरत पड़ेगी जिसका जिक्र स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 21 सितंबर 2021 के परामर्श में है.’

गृह सचिव ने कहा कि ‘टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट- वैक्सीनेट’ एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार की पांच सूत्री रणनीति पर ध्यान दिया जाए, ताकि त्यौहारी मौसम सुरक्षित तरीके से गुजर जाए और मामलों में बढ़ोतरी भी न हो. भारत में पिछले एक दिन के अंदर कोरोना के 20 हजार से भी कम मामले आए हैं जो कि पिछले 201 दिन यानी साढ़े छह महीने से भी ज्यादा समय में सबसे कम हैं. यही नहीं देश में एक्टिव केस भी घटकर कुल मामलों का सिर्फ 0.87 फीसदी ही रह गए हैं, जो कि बीते साल मार्च के बाद से सबसे निचला स्तर है। वहीं, इस दौरान कोरोना की वजह से 179 लोगों की जान गई है.

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