कंडवाल से लेकर सिहुणी तक के पैच तक करीब 12 सौ करोड़ रुपए की टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी

नूरपुर:-वही एनएचएआई का कहना है इस कार्य को तुरंत शुरू करने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। लेकिन अब जल्द ही मंडीपठानकोट फोरलेन का कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी करीब पूरा कर लिया गया है।

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मार्च के बाद मंडीपठानकोट-फोरलेन (MandiPathankot Fourlane) का काम शुरू हो जाएगा। जो कि अभी तक शुरू हो नहीं सका क्योंकि लोगों के जमीनों के दाम सरकार ने कौड़ियों के हिसाब से बनाए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपिटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्यूजेशन यानी काला (भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी) सुरेंद्र कुमार की मानें, तो उनकी ओर से कंडवाल से लेकर भेडखड्ड तक भूमि अधिग्रहण की पूरी फायल तैयार कर संबंधित अथॉरिटी यानी नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के सुपुर्द कर दी गई है।

इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है, जिसमें भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे के दौरान कई अलग-अलग सर्किल के मुताबिक अलग-अलग तय राशि के तहत भूमि को अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। इस दौरान एनएचएआई (NHA I) की ओर से तैयार किए जाने वाले फोरलेन की चपेट में ऐसे भी भू-मालिक आए हैं।

जिन्हें महज़ 97 रुपए प्रति स्किवेयर मीटर के हिसाब से भी मुआवजा दिया जाना तय है, तो वहीं कुछ क्षेत्रों में 17 हजार रुपए प्रति सिक्वेयर मीटर के तहत मुआवजा दिया जाएगा।

हालांकि फोरलेन की चपेट में आने वाले लोगों ने मुआवजे की उचित राशि के लिए संघर्ष आंदोलन छेड़ रखा है। कुछ स्थानों पर लोग उन्हें उचित मुआवजा।

(Compensation) देने को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। बावजूद इसके जहां नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया टेंडरिंग प्रक्रिया भी मुकम्मल करने में जुट चुकी है, तो फिर इन भू-मालिकों का क्या होगा, जिनकी जमीनों का अधिग्रहण (Acquisition) करने के लिए स्थानीय स्तर पर गठित कमेटी काला की ओर से फाइल एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर तक पहुंचा दी गई है और अब वह बाकायदा इसे अमलीजामा पहनाने की दिशा में भी आगे बढ़ चुके हैं।

ठीक अगर दूसरी ओर देखा चाहे तो जिला कांगड़ा के तहत फेस 5 का टेंडर जो कि रानीताल से मटौर तक 11 100 करोड़ का बजट प्राइवेट कंपनी गाबर कंपनी को मिला है। तथा साथ ही क्षेत्र के लोगों के अवार्ड भी घोषित कर दिए गए हैं जिसके लिए राजेश पठानिया जी ने लोगों को कहा है कि वे जल्द से जल्द एसडीएम काला को अपने अवार्ड की राशि को लेने के लिए आवेदन पत्र दें तथा एसडीएम साहब को उस आवेदन पत्र में under protest अवार्ड राशि ले।

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