मौत के आंकड़ों से ‘खेला’ पर हेल्थ डिपार्टमेंट को कड़ी फटकार

कोरोना बुलेटिन में मौत के आंकड़ों पर हो रहे ‘खेला’ पर हिमाचल सरकार ने हेल्थ डिपार्टमेंट को कड़ी फटकार लगाई है।

देश-प्रदेश को परोसी जा रही इस भ्रामक सूचना पर विभागीय अफसरों को जवाबदेह बनाया गया है। इस आधार पर सीएमओ हमीरपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

इसी संदर्भ में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने कोरोना मृतकों के आंकड़े रोजाना सही व स्टीक अपलोड करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नए आदेशों की सख्ती से पालना को कहा गया है।

इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की प्रवक्ता की तरफ से जारी स्पष्टीकरण में गलत आंकड़े प्रस्तुत करने की चूक स्वीकार की गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि हमीरपुर जिला से पिछले कुछ दिनों की मृतकों की सूची एक साथ ही 18 मई को अपडेट कर दी। स्

वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में पूरी पारदर्शिता के साथ लोगों को जागरूक करने व सही जानकारी पहुंचाने के लिए दिन में दो बार सोशल मीडिया पर इस बुलेटिन को सांझा किया जा रहा है।

विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट्स के आधार पर ही मीडिया बुलेटिन तैयार किया जाता है।

जिला हमीरपुर से गत 18 मई, 2021 को प्राप्त रिपोर्ट्स में 23 कोरोना मरीजों की मृत्यु उनके विवरण सहित बताई गई है। इस संदर्भ में बाकायदा जांच रिपोर्ट तलब की गई। इस आधार पर स्पष्ट हुआ कि जिला हमीरपुर से 18 मई, 2021 को प्राप्त रिपोर्ट की जांच से स्पष्ट हुआ कि कुछ दिनों के दौरान जिले में हुई मौतों की सूचना के आंकड़े एक साथ जारी कर दिए थे।

उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर से प्रतिदिन कोरोना मरीजों की होने वाली मौतों की सूचना नहीं देने के कारणों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रतिदिन कोरोना मरीजों की होने वाली मौत की रिपोर्टिंग देने के संबंध में जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने कोविड कैपेसिटी नाम से एक नया पोर्टल विकसित किया है, जहां संबंधित नोडल अधिकारियों द्वारा कोविड सुविधाओं के बारे में सभी प्रकार की जानकारी अपडेट की जा रही है। इस पोर्टल को कोई भी व्यक्ति कभी भी देख सकता है।

पोर्टल पर विभिन्न श्रेणियों के बिस्तरों की उपलब्धता भी देखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के नोडल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी ही मीडिया बुलेटिन तैयार करने के लिए एकमात्र स्रोत है।

इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नई सुविधाएं जैसे ही अधिसूचित की जाती हैं, उन्हें पोर्टल पर अपडेट किया जाए, ताकि उस जानकारी को बुलेटिन के माध्यम से प्रसारित किया जा सके और साथ ही पोर्टल पर भी देखा जा सके।

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