गुड़िया हत्याकांड में आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू को महिला हत्या केस में मिली उम्र कैद और 25 हजार जुर्माना; सिरमौर

शिमला के प्रसिद्ध कोटखाई की गुड़िया बलात्कार मामले के आरोपी चिरानी अनिल कुमार उर्फ नीलू को जिला सिरमौर के नाहन में उम्रकैद की सजा हुई है। अनिल कुमार को सजा पुलिस थाना पच्छाद के अंतर्गत वर्ष 2015 में दर्ज एक महिला की हत्या के प्रयास मामले में दोषी सिद्ध होने पर सुनाई गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसवंत की अदालत ने अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है और साथ में 25 हजार जुर्माना भी लगाया है। इस मामले की पुष्टि न्ययालय के उप जिला न्यायावादी एकलव्य ने की है।

आपको बता दें कि सिरमौर जिला के पच्छाद थाना में 6 सितंबर 2015 को एक महिला के हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। महिला वहां के स्थानीय दसाना गांव की रहने वाली है। यह मामला महिला के बेटे की शिकायत पर दर्ज किया गया था। बेटे ने पुलिस को बताया था कि वह बकरियां चराने घर से निकला और उसकी माता भी पशुओं को चराने के लिए जंगल में गई थी। दोनों मां और बेटा अलग अलग जगहों पर गए थे। महिला के बेटे को सांय करीब साढ़े तीन बजे किसी व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि उसकी मां जंगल में घायल अवस्था में पड़ी हुई है।

फ़ोन द्वारा सूचना मिलने के बाद वह लड़का गांव के अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। उन्होंने मौके पर देखा कि उसकी मां रास्ते में पड़ी थी और चिल्ला रही थी। उसकी मां के माथे, गाल, नाक, हौंठ व गले पर तेजधार हथियार से वार किए गए थे और महिला के दाहिने हाथ का अंगूठा और एक अंगुली कटकर अलग पड़ी थी। लेकिन उसकी मां बात करने की हालत में नहीं थी।

सभी के प्रयासों से उस लड़के की माँ को 108 एंबुलेंस के माध्यम से घायल माता को सराहां के हॉस्पिटल पहुंचाया गया था और इस वारदात के बारे सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शिकायत दर्ज की और मामले की जांच आरंभ की। इसी बीच महिला को सराहन से सोलन अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने वारदात स्थल का मौका किया था। पुलिस को मौका पर से महिला के कटे अंग, बाल, लाइटर, डंडे, कान की बाली, नाक की नथनी आदि सबूत के तौर पर बरामद हुए थे। जब महिला ठीक हो गई थी तो 17 सितंबर को पुलिस ने महिला के बयान दर्ज किए थे। महिला के बयान के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने बाहर से आए चिरानी और अन्य लोगों की महिला से शिनाख्त करवाई गई थी। वारदात की शिकार महिला ने अनिल उर्फ नीलू की पहचान की थी और पुलिस को बताया कि यह वही व्यक्ति ने जिसने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी और विरोध करने पर दराट से उसके दाएं हाथ की अंगुली और अंगूठा काट दिया था।

इसके बाद पुलिस आरोपी को हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद मामले की जांच कर चालान कोट में पेश किया था। आज कोर्ट ने आरोपी चिरानी अनिल को दोषी करार देते हुए धारा 307 के तहत उम्रकैद और 20 हजार जुर्माना सुनाया गया है। जुर्माना अदा ना करने की सूरत में एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 354 के तहत दो साल की सजा और 5 हजार जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा ना करने की सूरत में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

बता दें कि चिरानी अनिल कुमार उर्फ नीलू शिमला जिला की कोटखाई गुड़िया मामले का आरोपी है। मामला कोर्ट में चला है। 4 जुलाई 2017 को 16 साल की गुड़िया जब स्कूल से वापस आ रही थी तभी उसका अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया और फिर बलात्कार के बाद मासूम गुड़िया की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसके शव को जंगल में फेंक दिया, जो दो दिन के बाद बरामद हुआ था। मामले को लेकर सियासी गलियारों में काफी तपिश रही थी। तत्कालीन वीरभद्र सरकार कटघरे में आ गई थी। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा। सीबीआई ने जांच में मामले में नीलू चिरानी की संलिप्तता पाई और उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि, गुड़िया के परिजन जांच से खुश नहीं हैं और वह आज भी मामले की दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों को लगता है कि मामले में और भी लोग शामिल हैं, जिन्हें बचाया जा रहा है। आपको यह भी बता दें कि सीबीआई के पास मामला जाने से पहले हिमाचल पुलिस की एसआईटी मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान कोटखाई पुलिस थाना में सूरज नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस मामले में पूरी एसआईटी को गिरफ्तार किया गया था।

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