जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

पालमपुर : पालमपुर में जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर धोखाधड़ी करने आरोप लगा है। कृषि विभाग से उच्च पद पर सेवानिवृत्त सिकंदर सिंह ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। शिकायतकर्ता सिकंदर सिंह ने आरोप लगाया कि पालमपुर में जमीन खरीदने के लिए उन्होंने एक प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से प्रयास किया तथा न्यूगल कैफे में एक व्यक्ति की जमीन देखी तथा उक्त व्यक्ति ने 725 वर्ग मीटर भूमि एक करोड़ 55 लाख में बेचे जाने की बात कही।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन के मालिक ने 1.3 करोड़ खाते में डालने तथा 25 लाख नगद देने को कहा था ताकि रजिस्ट्री के खर्चे में बचत की जा सके। उन्होंने बताया कि इसके पश्चात 1.3 करोड़ रुपए जमीन के मालिक के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए तथा 25 लाख की धनराशि नकद दे दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 1 अक्तूबर, 2020 को जमीन के विक्रेता ने मेरी पत्नी के नाम पर उपरोक्त भूमि की रजिस्ट्री करा दी। रजिस्ट्री के पश्चात इंतकाल के लिए जमीन के मालिक ने मुख्तारनामा दे दिया तथा 3-4 दिन बाद इंतकाल भी हो गया, ऐसे में जमीन की हदबंदी देखने के लिए मैंने जमीन के विक्रेता को बुलाया तो उसने अपने एजैंट को भेज दिया।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन की पैमाइश करवाई तो 618 वर्ग मीटर निकली जोकि 107 वर्ग मीटर रजिस्टर्ड भूमि से कम है। इसके पश्चात उन्होंने जब जमीन के विक्रेता से संपर्क किया तो उसने कानूनन पैमाइश तहसीलदार के माध्यम से करवाने को कहा, जिस पर उन्होंने 7 जनवरी, 2021 को रिपोर्ट तहसीलदार कार्यालय पालमपुर से प्राप्त थी। इसमें उपरोक्त जमीन 113 स्क्वायर मीटर रजिस्टर भूमि से कम पाई गई तथा यह भूमि पड़ोस के लोगों के कब्जे में पाई गई।

इस बारे में जब उन्होंने पड़ोस के लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि यह भूमि जो हमारे कब्जे में आ रही है, उन्होंने यह भूमि पैसे दे कर ली है। डीएसपी डॉ. अमित शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 504, 506 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

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