एक साल से सरकारी स्कूल को नौ शिक्षकों और प्रिंसिपल ने बना रखा था गैंगरेप का अड्डा, अध्यापिकाएं बनाती थी वीडियो

राजस्थान के अलवर जिले में शिक्षा का मंदिर शर्मसार हुआ है। यहां पर प्रिंसिपल व शिक्षकों पर छात्राओं से गैंगरेप का आरोप लगा है। दो शिक्षिकाओं पर वीडियो बनाने के भी आरोप हैं। अलवर जिले के मांढण पुलिस थाना इलाके के गांव में स्थित सरकारी स्कूल के कुल नौ टीचरों के खिलाफ चार छात्राओं ने मामले दर्ज करवाए हैं।

बेटी ने स्कूल जाने से मना किया तो हुआ खुलासा

मांढण पुलिस थाना अधिकारी मुकेश यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मामला उस वक्त सामने आया जब एक ट्रक चालक ने शिकायत दी कि उसकी मूक बधिर बच्ची सरकारी स्कूल की कक्षा दस में पढ़ रही है। एक रोज बेटी ने स्कूल जाने से मना कर दिया। वजह पूछी तो वह रोने लगी। बच्ची ने बताया कि स्कूल में संस्था प्रधान और शिक्षक उसके साथ गलत काम करते हैं।

मना करने पर जान से मारने की धमकी

यह सिलसिला एक साल से जारी है। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। स्कूल में महिला शिक्षिकाओं ने उनका गंदा वीडियो भी बना लिया। यह मामला सामने आया था तो अन्य छात्राओं ने भी शिकायत दी। कक्षा छह, चार व तीन की छात्राओं ने स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। वहीं, मीडिया से बातचीत में संस्था प्रधान ने सभी आरोपों को खारिज किया है। कहा कि इस तरह के केस की जानकारी नहीं है।

परिजनों की रिपोर्ट पर मामले दर्ज

परिजनों की रिपोर्ट पर स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, शिक्षक राजकुमार व प्रमोद कुमार सहित अन्य पर मामले दर्ज कराए हैं। बुधवार सुबह सीबीईओ सरिता यादव जांच करने पहुंचीं। वहीं, आज भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी भी गांव पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल की।

महिला टीचर के सामने चारों टीचर ने गैंगरेप किया

पीड़िता ने बताया कि टीचर मनीषा यादव व अनिता कुमारी ने कहा कि तुम गरीब हाे, इसलिए तुम्हें स्कूल की ड्रेस, कॉपी, किताब फ्री में देंगे। दूसरी टीचर ने कहा कि तुम्हारी स्कूल की फीस भी हम भर देंगे। परीक्षा में पास कर देंगे। इसके बाद दोनों मैडम, टीचर सुरेश मीणा के कमरे में ले गईं, जो किराए पर रहता है। वहां पहले से स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, टीचर राजकुमार व प्रमोद कुमार मौजूद थे। सभी ने शराब पी रखी थी। महिला टीचर के सामने चारों टीचर ने गैंगरेप किया।

जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित

पीड़िता ने बताया कि दीपावली की छुट्टियों से पहले स्टूडेंट से गलत काम किया था। जब वापस स्कूल खुले तो प्रिंसिपल व अध्यापक सुरेश मीणा ने स्टूडेंट को रूम पर चलने को कहा तो उसने मना कर दिया। इसके बाद तंग आकर स्कूल जाना भी छोड़ दिया। इधर, अलवर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पूनम गोयल ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी आज पीड़ित छात्राओं के अलावा उनके परिजनों और आरोपियों के बयान दर्ज करेगी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।

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