पड़ताल: एक भी कोरोना संक्रमित मरीज को ‘आयुष्मान’ से नहीं मिला इलाज, पढ़िए खास रिपोर्ट

आगरा में 8.77 लाख लोग हैं जो आयुष्मान योजना में इलाज के पात्र हैं।  जिनमें 1.72 लाख लोगों के पास गोल्डन कार्ड हैं। जिले में अब तक 25532 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। हैरत की बात है कि एक भी मरीज का किसी निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं किया गया। 


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आगरा जिले के किसी भी अस्पताल में एक भी संक्रमित का आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं किया गया। 14 महीने के संक्रमण काल के दौरान कई मरीजों ने अस्पतालों में भर्ती नहीं करने और सरकारी अस्पतालों में जाने की सलाह देने की शिकायत की, पर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। मरीज कह रहे हैं कि उन्हें भर्ती नहीं किया गया। अस्पताल कह रहे हैं कि कोई मरीज नहीं आया। जिम्मेदार अफसर कह रहे हैं कि शिकायत नहीं मिली। वहीं लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है कि 25 हजार से अधिक संक्रमितों में से कोई आयुष्मान योजना का लाभार्थी न हो या वह अस्पताल नहीं गया हो।

गरीबों को समुचित इलाज मिल सके इसके लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर मार्च 2020 में भारत सरकार ने कोरोना महामारी को भी इलाज की सूची में शामिल कर लिया। आगरा जिले में 8.77 लाख लोग हैं जो आयुष्मान योजना में इलाज के पात्र हैं।  जिनमें 1.72 लाख लोगों के पास गोल्डन कार्ड हैं। जिले में अब तक 25532 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। हैरत की बात है कि एक भी मरीज का किसी निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं किया गया। 

कोविड अस्पतालों में है सुविधा
जिले में 25 निजी कोविड अस्पताल हैं। जिनमें 15 से अधिक में आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा है। राम रघु, ब्लॉसम, उपाध्याय, गोयल सिटी, पुरुषोत्तम दास, श्रीकृष्णा, एपेक्स, यशवंत आदि 15 कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित भर्ती हुए। जिनमें किसी कार्डधारक का इलाज नहीं हुआ।

केस-एक
नगद में कराना पड़ा इलाज
देवरी रोड निवासी रामप्रसाद को उनके पुत्र हरीश 27 अप्रैल को सिकंदरा के पास हाईवे स्थित अस्पताल में भर्ती कराने गए। आयुष्मान कार्ड था, अस्पताल ने कार्ड से इलाज करने से मना कर दिया। मजबूरी में नगद इलाज कराया। इलाज का 2.20 लाख रुपये का बिल बना।

केस-दो 
वापस लौटाया मरीज को 
बारह खंबा निवासी बंशी अग्रवाल को सांस की तकलीफ होने पर परिजन 2 मई को देहली गेट स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे। गोल्डन कार्ड से इलाज नहीं किया। अस्पताल ने कहा, कोरोना का इलाज आयुष्मान योजना से नहीं होगा। बेड भी खाली नहीं है। एक दिन बाद एसएन अस्पताल में भर्ती हुए।

केस-तीन
एक लाख रुपये जमा कराए
कालिंदी विहार निवासी भूदेवी को बुखार होने पर परिजन 20 अप्रैल को ट्रांसयमुना स्थित कोविड अस्पताल लेकर पहुंचे। आयुष्मान कार्ड दिखाया। अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया। एक लाख रुपये जमा कराने के बाद नगद इलाज किया। 


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