DSP Viral Video; छह साल के बच्चे के साथ अश्लील हरकतें करने वाले डीएसपी और महिला कांस्टेबल की पूरी कुंडली

राजस्थान पुलिस पुलिस में अजमेर जिले के ब्यावर सीओ हीरालाल सैनी और जयपुर कमिश्नरेट की महिला कांस्टेबल के दो अश्लील वीडियो वायरल हुए हैं। राजस्थान डीजीपी एमएल लाठर के आदेश पर दोनों को सस्पेंड कर दिया गया! डीएसपी हीरालाल सैनी व महिला कांस्टेबल को बीती रात राजस्थान एसओजी टीम ने उदयपुर के अनंता रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया है।

छह साल के बेटे के साथ अश्लील हरकतें

डीएसपी यानी पुलिस उप अधीक्षक हीरालाल सैनी और लेडी कांस्टेबल द्वारा स्वीमिंग पूल में अश्लीलता करने के वीडियो वायरल होने के बाद से ही दोनों सुर्खियों में हैं। इन्होंने महिला कांस्टेबल के छह साल के बेटे के साथ अश्लील हरकतें की हैं। पूरे मामले का खुलासा महिला के पति द्वारा नागौर जिले के चितावा पुलिस को शिकायत देने के बाद हुआ है।

पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज किया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एडीजी अशोक राठौड़ ने उदयपुर के रिसॉर्ट से डीएसपी व कांस्टेबल की एसओजी द्वारा गिरफ्तारी की पुष्टि की है। साथ ही एडीजी राठौड़ ने यह भी बताया कि दोनों के एसओजी ने इनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज किया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। शाम तक पूरे प्रकरण में खुलासा किया जा सकता है।

जयपुर में डीएसपी का फ्लैट

बता दें कि डीएसपी हीरालाल सैनी लंबे समय से जयपुर के गौरव टावर के पीछे अपने फ्लैट में रह रहा है। वहीं, महिला कांस्टेबल मूलरूप से नागौर जिले की रहने वाली है। वर्तमान में जयपुर में कमिश्नरेट में कार्यरत है। सात मई 2001 को इसकी शादी हुई थी। साल 2008 में राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुई।

जयपुर में नजदीक आए डीएसपी-कांस्टेबल

निलंबित डीएसपी हीरालाल सैनी जयपुर कमिश्नरेट और जयपुर ग्रामीण में थानाधिकारी के रूप में पदस्थापित रहा है। कहा जाता है कि उसी दौरान महिला कांस्टेबल उसके संपर्क में आई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गई। राजनीतिक रूप से पकड़ और सीएमओ में सीधे प्रवेश के चलते महिलाओं के तबादले या अन्य काम करवाकर वह नजदीकियां बढ़ा लेते थे।

ट्रांसफर भी सीएमओ के हस्तक्षेप से रुकवाया

जयपुर के बाद हीरालाल सैनी अजमेर में जीआरपी थानाधिकारी के पद पर रहा। अजमेर जीआरपी थानाधिकारी का पद संभालते हुए ही इन्हें पदोन्नति मिली और आरपीएस बनाया गया। बतौर आरपीएस पहली बार अजमेर जिले के ही ब्यावर में डीएसपी लगाया गया। यहां तीन साल से तैनात थे। कहा जाता है कि हीरालाल सैनी की सीएमओ में अच्छी पकड़ है। इनका कोई रिश्तेदार वहां पोस्टेड है। इन्होंने ब्यावर से अपना ट्रांसफर भी सीएमओ के हस्तक्षेप से रुकवा दिया।

राजस्थान बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान

डीएसपी हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल के मामले में राजस्थान बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। मीडिया से बातचीत में राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने बताया कि मामला गंभीर श्रेणी का है। छोटे बच्चे के सामने जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की इस तरह की हरकत चिंतनीय है। इस संबंध में नागौर पुलिस अधीक्षक से तीन दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।

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