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क्या आम आदमी पार्टी को गद्दार कहने के कारण केजरीवाल ने करवाई सिद्धू मुसेवाला की हत्या

RIGHT NEWS INDIA: लोकप्रिय पंजाबी गायक और रैपर सिद्धू मूसे वाला की बीते 29 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जी हाँ, वह अपनी गाड़ी से कहीं जा रहे थे कि इसी बीच उनपर 30 गोलियां चलाई गईं और उनमें से 8 गोलियां उन्हें लग गई और उसके बाद उनकी मौत हो गई। आपको बता दें कि यह चौंकाने वाली घटना पंजाब पुलिस द्वारा पंजाबी गायक सहित 424 लोगों की सुरक्षा वापस लेने के एक दिन बाद हुई।

आपको हम यह भी जानकारी दे दें कि पिछले महीने ही सिद्धू मूस वाला ने अपने गीत बलि का बकरा में आम आदमी पार्टी और उसके समर्थकों को निशाना बनाने के बाद विवाद खड़ा कर दिया था। जी दरअसल गायक ने अपने गाने में आप समर्थकों को ‘गद्दार’ (देशद्रोही) कहा था। ऐसे में अब गायक के फैंस उनकी मौत को आप पार्टी से जोड़कर देख रहे हैं और उनका कहना है यह सब केजरीवाल का कारनामा है। आपको बता दें कि सिद्धू मूसे वाला ने मनसा से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और उन्हें आप के डॉ। विजय सिंगला ने 63,323 मतों के अंतर से हराया था। जी हाँ और मानसा जिले के एक गांव मूसा के रहने वाले सिद्धू मूसे वाला पिछले साल नवंबर में काफी धूमधाम से कांग्रेस में शामिल हुए थे।

फिलहाल कई लोगों का कहना है आप पार्टी ने यानी केजरीवाल ने सिद्धू मूसे वाला को मरवाया है क्योंकि उन्होंने आप पार्टी को गद्दार बताया था। एक यूजर का कहना है- ‘आप पार्टी को गद्दार कहा तो अरविन्द केजरीवाल ने करवा दी सिद्धू मूसे वाला की हत्या!’ वहीं एक अन्य यूजर का कहना है- ‘जब से अरविन्द केजरीवाल पंजाब में आया तब से यह सब हो रहा है।’ आप सभी को बता दें कि सिद्धू मूसे वाला की हत्या से पहले जिन वीआईपी लोगों की सुरक्षा हटा ली गई है उनमें उनके अलावा सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, धार्मिक और राजनीतिक नेता शामिल हैं। जी हाँ और इससे पहले, राज्य सरकार ने 184 पूर्व मंत्रियों, विधायकों और निजी सुरक्षा प्राप्त लोगों की सुरक्षा वापस ले ली थी। वहीं एक महीने पहले 122 पूर्व मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा भी वापस ले ली गई थी। इस लिस्ट में पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, राज कुमार वेरका, भारत भूषण आशु और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का परिवार उन लोगों में शामिल थे।