NCRB REPORT: लॉकडाउन कर बाबजूद नही घटे महिला अत्याचारों के मामले, उत्तराखंड में 487 दुष्कर्म के मामले दर्ज

उत्तराखंड ने नौ हिमालयी राज्यों में बलात्कार और बाल यौन शोषण (Rape Cases in Uttarakhand) के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए है. साल 2020 के लिए भारत में अपराध पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट ( NCRB Report 2020 ) में इसका खुलासा किया गया है.

महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर एनसीआरबी की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में 2020 में बलात्कार के 487 मामले दर्ज किए, जो नौ हिमालयी राज्यों में सबसे ज्यादा हैं.

दरअसल मंगलवार रात को एनसीआरबी की 2020 की रिपोर्ट जारी की गई. इसमें कई नौ हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड के अलावा अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं. रेप के मामलों में उत्तराखंड के बाद सबसे ज्यादा केस हिमाचल (331 ) में दर्ज किए गए, जिसके बाद त्रिपुरा में 79 केस सामने आए. वहीं अन्य हिमालयी राज्यों में मेघालय में 67 मामले और मिजोरम में 33 मामले दर्ज किए गए.

2020 में लॉकडाउन की वजह से कम हुआ महिलाओं के खिलाफ अपराध

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले एनसीआरबी ने कहा कि पिछले साल पूरे देश में महिलाओं के विरूद्ध अपराध (Crime Against Women) के कुल 3,71,503 मामले दर्ज किए गए जो 2019 में 4,05,326 थे और 2018 में 3,78,236 थे. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में महिलाओं के विरूद्ध अपराध के मामलों में से 28,046 बलात्कार की घटनाएं थी जिनमें 28,153 पीड़िताएं हैं.

उत्तराखंड में दर्ज हुए सबसे ज्यादा POCSO केस

इसी तरह, 2020 में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज कुल मामलों में, उत्तराखंड एक बार फिर 573 मामलों के साथ सभी हिमालयी राज्यों में सबसे ऊपर है. इसके बाद मेघालय में 328 और त्रिपुरा में 143 मामले दर्ज किए गए थे. अन्य प्रमुख हिमालयी राज्यों में, मिजोरम में 105 मामले दर्ज किए गए जबकि सिक्किम में POCSO अधिनियम के तहत 98 मामले दर्ज किए गए.

नारकोटिक्स ड्रग्स केस के मामलों में दूसरे पायदन पर उत्तराखंड

एनसीआरबी की रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि उत्तराखंड ने वर्ष 2020 में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत कुल 1282 मामले दर्ज किए गए (Drug trafficking). हिमाचल प्रदेश (1538) के बाद यह सभी हिमालयी राज्यों में दूसरे सबसे ज्यादा केस हैं.

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