बाबा रामदेव के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने एक लिए कोर्ट में याचिका दायर

एलोपैथी यानी माडर्न मेडिसीन और उसके डाक्टरों को निशाने पर लेने वाले बाबा रामदेव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मुजफ्फरपुर की अदालत में बाबा रामदेव पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के लिए याचिका दायर की गई है। 


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मुख्य न्यायिक अधिकारी की अदालत में ज्ञान प्रकाश ने अपने वकील सुधीर कुमार ओझा के जरिये याचिका दायर की है। ज्ञानप्रकाश पहले भी कई राजनीतिज्ञों, बॉलीवुड स्टार और विदेशी प्रमुखों के खिलाफ याचिका दायर कर चर्चा में रहे हैं।

कार्यवाहक सीजेएम शैलेंद्र राय की अदालत में याचिका दायर कर रामदेव के बयानों को धोखाधड़ी करार देते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम के अलावा देशद्रोह और धोखाधड़ी से संबंधित आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की गई है। मामले की अगली सुनवाई सात जून को होगी। 

पतंजलि ग्रुप के संस्थापक योग गुरु रामदेव का मॉडर्न मेडिसीन और कोरोना वैक्सीन को लेकर बयान इन दिनों तूफान खड़ा किये हुए है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भी रामदेव के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। आईएमए का कहना है कि रामदेव डाक्टरों को बदनाम कर रहे हैं। कोरोना काल में कई डाक्टरों ने अपनी जान भी गंवाई है इसके बाद भी इस पवित्र पेशे को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। 

शिकायतकर्ता ने बाबा रामदेव पर कई आरोप लगाए हैं। कोरोना की वैश्विक महामारी के चलते पूरे देश में लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। लाखों लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। दम तोड़ने से उनके घर उजड़ गए हैं। ऐसे माहौल में भी बाबा रामदेव लगातार झूठी बयानबाजी कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

रामदेव ने एलोपैथी और डॉक्टरों के खिलाफ विवादित बयान दिया है। बयान में बाबा रामदेव ने डॉक्टरों को मूर्ख कहा है और एलोपैथी को झूठा बताया है। हालांकि भाजपा से नजदीकियों के बावजूद केंद्र सरकार के कई नेताओं ने रामदेव की बातों को खारिज भी किया है।


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