पूर्व मुख्यमंत्री धूमल के खिलाफ मानहानि का केस होगा बंद, विक्रमादित्य के बयान के बाद हाई कोर्ट ने दी मंजूरी

शिमला. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और अन्यों के खिलाफ सूबे के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले को बंद करने की मंजूरी दे दी है.

वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य के वक्तव्य के बाद हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत से यह मामला वापिस लेने की अनुमति प्रदान कर दी. न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की अदालत के समक्ष मामले पर सुनवाई हुई.

सुनवाई पर लगी थी रोक

दरअसल, प्रेम कुमार धूमल व अन्यों ने उनके खिलाफ दायर इस आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत की ओर से जारी समन के आदेशों को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी. इस मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले की सुनवाई पर रोक लगा रखी थी. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रेम कुमार धूमल, अरुण धूमल और अनुराग ठाकुर के विरुद्ध आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था.

जेटली के खिलाफ भी था केस

मामले के अनुसार, दिवंगत प्रार्थी वीरभद्र सिंह ने प्रेम कुमार धूमल और अरुण जेटली के खिलाफ अपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था, लेकिन 27 मई 2014 को केवल अरुण जेटली के खिलाफ यह मामला वापस ले लिया था. उसके बाद सीजेएम शिमला ने 26 सितंबर 2014 को वीरभद्र सिंह द्वारा इस मामले में गवाहों के प्रारम्भिक बयान दर्ज करवाए जाने के पश्चात प्रतिवादियों को तलब किया था. ऐसे में अब हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद अब मामला खत्म हो जाएगा.

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