प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर घाट से रातों रात हटाए शव, पुलिस अधीक्षक ने दिया कार्यवाही का आश्वासन


प्रयागराज से पिछले दिनों विचलित करने वाली तस्वीरें सामने आई थी। इन तस्वीरों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रृंगवेरपुर घाट पर एक किलोमीटर के दायरे में शव दफनाए गए थे। जानकारी के अनुसार अब प्रशासन ने रविवार रात को श्रृंगवेरपुर घाट पर जेसीबी और मजदूर लगाकर घाट की सफाई करा दी है। यहां घाट पर लोगों ने जो अपने परिजनों के शवों की पहचान के लिए बांस और चुनरियों से निशान बनाए थे, वो पूरी तरह से साफ करा दिए गए हैं।

अब श्मशान घाट के एक किलोमीटर तके दायरे में सिर्फ बालू ही बालू नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने रात को गुपचुप तरीके से ये काम करवाया ताकि स्थानीय लोगों को भी पता न चले। इस पर प्रयागराज के एसपी गंगापर धवल जायसवाल ने कहा कि श्रृंगवेरपुर में शवों के निशान किसने और कैसे हटवाए इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

रातों-रात की हटाए गए निशान

वहीं घाट पर काम करने वाले पुरोहित का कहना है कि रविवार रात को शवों के निशान मिटाने के लिए करीब 25 मजदूर लगाए गए थे। इसी के साथ दो जेसीबी मशीन भी आई थी। जानकारी के अनुसार लकड़ी, बांस, कपड़े, चुनरी और रामनामी को शवों से उठाया गया। इसके बाद उन्हें एक ट्रॉली में भर दिया गया और कहीं दूर ले जाकर जला दिया गया।

सुबह उठकर पुरोहित ने देखा तो सब साफ था

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार घाट पर बने मंदिर में रहने वाले पुरोहित ने जब सुबह गंगा स्नान के लिए जाने लगे, तब उन्होंने पूरा मैदान साफ देखा। सुबह वहां सभी शवों के निशान गायब थे। शवदाह का काम करने वाले एक व्यक्ति ने बाताया कि ये जो भी हुआ ठीक नहीं हुआ। स्थानीय लोगों में भी शवों के निशान हटाए जाने से नाराजगी है।

जब शव दफनाए जा रहे थे तब कहां था प्रशासन

उनका कहना है कि घाट पर रोजाना बड़ी संख्या में शव दफनाए जा रहे थे। तब तो प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए लोगों को जहां जगह मिली उन्होंने शवों को वहां दफना दिया। अब शव दफनाने से क्या होगा। गंगा घाट पर इतनी बड़ी संख्या में शव दफनाए जाने को लेकर पर्यवरण के कई जानकारों ने भी सवाल उठाए थे।

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