प्रयागराज में गंगा किनारे मिले शवों की संख्या 89 से बढ़कर 113, पानी के कटान के कारण आए थे बाहर

UP News: गंगा किनारे दफन 24 और शवों का दाह संस्कार शुक्रवार को फाफामऊ श्मशान घाट पर किया गया। अब तक की यह सर्वाधिक संख्या है। यह शव फाफामऊ श्मशान घाट पर हो रही गंगा की तेज कटान के कारण रेत से बाहर आ गए थे। इसके साथ ही दफन किए गए शवों की संख्या 89 से बढ़कर 113 हो गई है। इन 113 शवों का दाह संस्कार 22 दिनों में किया गया। स्पष्ट है कि औसतन हर रोज लगभग पांच दफन शवों का दाह संस्कार किया गया।

शुक्रवार को मिले 24 शवों का दाह संस्कार भी नगर निगम के जोनल अधिकारी नीरज सिंह ने किया। गुरुवार की रात आठ बजे नीरज 102 शवों का दाह संस्कार कर चुके थे। 24 और शवों के उनके द्वारा अब तक 126 शवों का दाह संस्कार किया जा चुका है।

नीरज ने अप्रैल मई में 12 ऐसे कोरोना संक्रमित शवों का दाह संस्कार किया था, जिनके परिजन घाट पर शव छोड़कर चले गए थे। तीन शव गंगा में बहते हुए मिले थे, जिसका संस्कार भी उन्होंने ही किया था। 113 दफन, 12 लावारिस और तीन प्रवाहित शवों को मिलाकर इस घाट पर अब तक कुल 128 लावारिस शवों का संस्कार हो चुका है, जिनमें से 126 का दाह संस्कार जोनल अधिकारी नीरज सिंह ने किया है। जोनल अधिकारी ने बताया कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण फाफामऊ में कटान तेजी से हो गई है। अगर कटान इसी तरह जारी रही तो दफन शवों की संख्या और बढ़ सकती है।

छतनाग में भी रेत से निकले दो शव

शुक्रवार को छतनाग घाट पर भी रेत में दफन शव बाहर निकल गए। नगर निगम की ओर से इन शवों का दाह संस्कार करवाया गया। इससे पूर्व भी यहां रेत से बाहर आए एक शव का दाह संस्कार हो चुका है।

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