हमीरपुर में बिना सुरक्षा हो रहे कोरोना टेस्ट; लोगों ने विरोध किया तो बीएमओ ने पुलिस में की शिकायत

हिमाचल प्रदेश सरकार भले ही कोरोना से लड़ने के लिए सही से प्रयत्न कर रही हो, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद खतरनाक और डराने वाली है। लोगों के बिना किसी सुरक्षा के कोरोना टेस्ट करने की कोशिशें हो रही है। जोकि किसी भी आदमी की जान के साथ खिलवाड़ हो सकता है। अगर कोरोना टेस्ट करने वाले किसी कोरोना पॉजिटिव का टेस्ट करे और उसके बाद दूसरे लोगों का टेस्ट करेंगे तो बाकी लोग भी कोरोना पॉजिटिव हो सकते है। लेकिन पुलिस की धमकियां और कानून का डर लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध बिना सुरक्षा के टेस्ट करवाने पर मजबूर कर रहा है। क्योंकि सरकार ने टेस्ट से मना करने पर 1000 से 5000 तक का जुर्माना या 8 दिन की जेल का प्रावधान कर रखा है।

बिना सुरक्षा कोरोना टेस्ट करने आई टीम-चंद्रुही, भोरंज

ताजा मामला हमीरपुर के भोरंज के चंद्रुही का है जहां बिना सुरक्षा आम लोगों के टेस्ट करने स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम भेजी गई। जब चंद्रुही के आम लोगों ने बिना सुरक्षा कोरोना टेस्ट करने से मना किया तो बीएमओ भोरंज ने मना करने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की और भोरंज पुलिस ने टेस्ट से मना करने वालों को पूरा दिन प्रताड़ित किया।

कोरोना टेस्ट करने आई स्वास्थ्य विभाग की टीम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना टेस्ट करने आई टीम के पास सुरक्षा के लिए ना तो ग्लव्ज थे, ना सेनेटाइजर, ना पीपी किट्स और ना ही किसी तरह की सोशल डिस्टेंशिंग का पालन किया जा रहा था। यह आप उपरोक्त वीडियो में भी साफ साफ देख सकते है। बात यही खत्म नही होती, जब बिना सुरक्षा टेस्ट करने पर सवाल उठाने वालों से पुलिस ने 1000-1000 रुपये जुर्माना भी वसूला गया। जब इस बारे हमारी टीम ने भोरंज पुलिस को कॉल करके पूछा तो थाने से बताया गया कि ऐसा कोई केस पंजीकृत ही नही हुआ है।

कोरोना टेस्ट करने आई स्वास्थ्य विभाग की टीम में सोशल डिस्टेंशिंग

यहां सबसे बड़ा सवाल आम आदमी की जिंदगी से संबंधित है। अगर कोई आदमी कोरोना टेस्ट करने आई स्वास्थ्य विभाग की टीम की गलती से कोरोना पॉजिटिव हो जाता है तो उस आदमी की जिंदगी की जिमेवारी किस की होगी।

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