कोरोना वायरस ने फिर बदला स्वरूप, 617.2 है और भी घातक; अध्ययन

भारत समेत दुनिया के 17 देशों में फैल चुके कोरोना के डबल म्यूटेशन प्रकार बी. 1. 617 ने फिर रुप बदल लिया है। वैज्ञानिकों ने इसके पहले से ज्यादा संक्रामक होने की आशंका जाहिर की है। नये स्वरुप के मामले भारत, ब्रिटेन और स्पेन में दर्ज किये गये हैं। सेंटर फार सेलुलर एंड मालीक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) हैदराबाद के निदेशक राकेश मिश्रा ने हिन्दुस्तान को बताया कि नया प्रकार बी.1.617.2 है। इसमें कुछ नये बदलाव नोट किए गए हैं। इनका अध्ययन किया जा रहा है। 617 में दो बड़े म्यूटेशन एल 452आर तथा ई 484क्यू दर्ज किए गये थे। लेकिन अब इसमें से ई 484क्यू गायब हो चुका है। लेकिन दूसरे बदलाव हो चुके हैं। अन्य बदलावों को समझने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

यह पूछने पर कि इस बदलाव से वायरस कमजोर पडा है या मजबूत हुआ है? उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह मजबूत हुआ है। इसीलिए ज्यादा तेजी से फैल रहा है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी ने नये स्वरूप को चिंता का विषय कहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएमबी में जीनोम सिक्वेंसिंग में नये प्रकार के मामले मिले हैं। उनका गहराई से अध्ययन किया जा रहा है

ब्रिटेन ने डबल म्यूटेशन वेरिएंट के नये स्वरूप को नये सिरे से निर्धारित करते हुए इसे वीयूआई-21एपीआर-02 के रुप में भी चिह्नित किया है। हालांकि भारत में इसे बी. 1.617.2 के रुप में जाना जा रहा है। बता दें कि कोरोना वायरस में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। दुनिया में अब तक सैकड़ों बदलाव रिकार्ड किये गये हैं। हर महीने दो बदलाव वायरस में हो रहे हैं। लेकिन इनमें से कुछ बदलाव बेहद घातक हैं।

error: Content is protected !!