कांग्रेस सचिव पद से इस्तीफा देकर भीम आर्मी में शामिल हुए कुल्लू के राम लाल कुल्लवी

हिमाचल में तथाकथित उच्च वर्ग के दलितों पर हो रहे अत्याचारों और प्रताड़ना से आहत लोगों ने अब कांग्रेस और भाजपा आया साथ छोड़ना शुरू कर दिया है। अब प्रताड़ित और शोषित ही नही बल्कि बुद्धिजीवी और समझदार लोगों ने दलित संगठनों की ओर अपने कदम बढ़ा दिए है। जानकारी के मुताबिक ऐसा ही मामला कुल्लू से निकल कर सामने आया है जहां कांग्रेस के सचिव राम लाल कुल्लवी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और दलित संगठन भीम आर्मी को अपना लिया है।

जानकारी के मुताबिक भीम आर्मी ने राम लाल कुल्लवी के फैसले का स्वागत किया है तथा उनको तत्काल प्रभाव से उपाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश के पद पर नियुक्त किया है। उपरोक्त मामले से साफ जाहिर होता है कि हिमाचल में भाजपा सरकार तो दलित विरोधी है ही, साथ में कांग्रेस के नेता भी दलित विरोधी है। हिमाचल प्रदेश के दलितों, पिछड़ों और दबे कुचले लोगों को दोनों राजनीतिक पार्टियां न्याय और प्रताड़ना से मुक्त करने में पूरी तरह असफल रही है। जिसका खामियाजा इनको आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ेगा।

राम लाल कुल्लवी का कहना है कि हिमाचल में दलितों की हालत बेहद चिंताजनक है। आज 21वी सदी में भी कुल्लू में कई ऐसे गांव है जहां दलितों का प्रवेश वर्जित है। कई लोगों के साथ जातीय आधार पर हिंसा, प्रताड़ना और उत्पीड़न होता है और पुलिस कोई कानूनी कार्यवाही नही करती। जिसके चलते उनके आत्मसम्मान को भारी तेज़ पहुंची है। उन्होंने ऐसे ही कई मामले गिनाए जहां पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली संदिग्ध रही है।

उधर भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष रवि कुमार दलित ने कहा कि हम राम लाल कुल्लवी के फैसले का स्वागत करते है और उनका सम्मान करते है। उन्होंने बताया कि राम लाल कुल्लवी को भीम आर्मी का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने प्रदेश के दलितों से आवाहन करते हुए कहा कि सभी लोग एक जुट हो जाए। यहां आज तक कांग्रेस और भाजपा ने केवल वोटों की राजनीति की है। दलितों के अधिकारों और उनका उत्थान करने में यह दोनों पार्टियां असफल रही है। इसी कारण आज आजादी के 73 साल बाद भी हिमाचल में दलितों की हालत खराब है। उन्होंने कहा कि सरकार दलितों के साथ धोखा करती है, अनुसूचित जाति और जनजाति के विकड के लिए आए पैसों का तथाकथित उच्च वर्ग के विकास के लिए प्रयोग करती है। जोकि दलितों के साथ सरकार का अन्याय है।

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