बेअदबी पर कांग्रेस में घमासान, सांसदों और मंत्रियों के बीच मीटिंग के बाद कैप्टन खेमे में खलबली

बेअदबी मामले में पंजाब सरकार की किरकिरी होने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के खिलाफ पार्टी में उठ रहे रोष के बीच सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सूत्रों मुताबिक इसी का नतीजा है कि गत दिवस कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा के गृह में सांसद प्रताप सिंह बाजवा, सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी और कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के बीच बैठक हुई। इस बैठक में बेअदबी कांड और हाईकोर्ट के फ़ैसले को लेकर चर्चा की गई।उधर मंत्रियों और सांसदों के बीच हुई इस बैठक को लेकर कैप्टन खेमे में खलबली मच गई है। मीडिया में छपीं रिपोर्टों के अनुसार इस मीटिंग में ए. जी. अतुल नंदा की बेअदबी मामले में निभाई भूमिका से नाराज़गी जताने के बाद ए. जी. को पद से हटाने के लिए सहमति जताई गई और नई एस. आई. टी. की रिपोर्ट एक महीने में पेश करने की मांग को लेकर कैप्टन पर दबाव बनाया जाए। बाजवा ने कहा कि अतुल नंदा एस.आई. टी. के सबूतों को अदालत में ठोस ढंग से पेश नहीं कर सके हैं, इसलिए कैप्टन को उनके ख़िलाफ़ ठोस करवाई करनी चाहिए। सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि अन्य मामलों में भी ए. जी. कारण सरकार का पक्ष कमज़ोर हुआ है। इसलिए कैप्टन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए जिससे राज्य में हो रही कांग्रेस की किरकिरी से बचा जा सके। इसके उलट रंधावा ने इस मीटिंग पर कोई टिप्पणी नहीं की।रंधावा ने इस्तीफ़ा देकर जताई थी नराज़गी
हाईकोर्ट की तरफ से एस,.आई. टी. को रद्द करने के फ़ैसले से सरकार से नाराज़ चल रहे मंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने मंत्रीमंडल की मीटिंग में इस्तीफ़ा भी दे दिया था। रंधावा की नाराज़गी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो रंधावा कैप्टन के खिलाफ़ बयानबाज़ी करने वालों को करारा जवाब देते रहे हैं, वह इस बार कैप्टन के खिलाफ बोलने वालों के साथ आ खड़े हुए हैं।

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