कंपनियों की कमाई पर दूसरी लहर का होगा गहरा असर, पुराने ढर्रे पर लौटने में लगेगा ज्यादा वक्त: मूडीज

दिग्गज रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सोमवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते कंपनियों की कमाई के पुराने ढर्रे पर लौटने में ज्यादा वक्त लगेगा। उसके मुताबिक, पिछले छह महीनों से कंपनियों की कमाई में आ रहे सुधार की रफ्तार वायरस के संक्रमण में आए तेज उछाल के चलते घट सकती है।

मकानों और गाड़ियों की बिक्री में कमी आ सकती है

मूडीज ने कहा कि ज्यादा जगहों पर और ज्यादा समय के लिए लॉकाडाउन लगने से कंपनियों के प्रॉफिट में रिकवरी की स्पीड घटेगी। उसने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी और लॉकडाउन होने से खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह घटेगा। इसकी वजह से मकानों और गाड़ियों की बिक्री में कमी आ सकती है। मूडीज ने यह भी कहा कि टेलीकॉम और IT सर्विसेज की मांग मजबूत बनी रह सकती है।

मूडीज ने ग्रोथ का अनुमान घटाकर 9.3% किया है

पिछले हफ्ते मंगलवार को मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर (GDP ग्रोथ रेट) का अनुमान घटाकर 9.3% कर दिया था। उसने कहा है कि यह कदम उठाने की वजह कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर है। इसकी वजह से इकोनॉमिक रिकवरी में दिक्कत आ सकती है और आर्थिक हालात लंबे समय के लिए बिगड़ सकते हैं।

सॉवरेन क्रेडिट प्रोफाइल बेहतर नहीं होने दे रही ग्रोथ में रुकावट

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत को नेगेटिव आउटलुक के साथ ‘Baa3’ रेटिंग दी हुई है। उसके मुताबिक, इकोनॉमिक ग्रोथ में आने वाली रुकावटें, कर्ज के ऊंचे स्तर और कमजोर वित्त व्यवस्था की वजह से सॉवरेन क्रेडिट प्रोफाइल बेहतर नहीं हो पा रही।

मूडीज ने फरवरी में दिया था GDP ग्रोथ 13.7% रहने का अनुमान

रेटिंग एजेंसी ने फरवरी में कहा था कि मार्च 2022 को खत्म होने वाले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 13.7% रह सकती है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च में खत्म वित्त वर्ष 2020-21 में देश की इकोनॉमी का साइज 8% घट गया था।

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