प्रधानमंत्री योजना के नाम पर ठगी: हर एक से 6 हजार रुपए वसूलते थे और फिर धौंस दिखाने लगते थे

राजधानी लखनऊ में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के नाम पर व्यापारियों से ठगी का मामला सामने आया है। अमीनाबाद पुलिस ने नगर निगम कर्मी बनकर पटरी दुकानदारों से ठगी करने वाले तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। यह लोग पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोन दिलाने के नाम पर 5 से 6 हजार रुपए वसूलते थे। पुलिस ने इनके पास से योजना से जुड़े जाली फार्म और लैपटॉप बरामद किया है। 

पटरी दुकानदारों के मजबूरी का फायदा उठाते थे
इंस्पेक्टर अमीनाबाद आलोक राय ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू के चलते बाजार बंद होने से पटरी दुकानें भी नहीं लग रही हैं। ऐसे में बहुत से व्यापारी परेशान हैं। इसी का फायदा ये ठगी करने वाले उठा रहे हैं। एक व्यापारी से सूचना मिली कि कुछ लोग पटरी व्यापारियों को लोन दिलाने के नाम पर फार्म जमा कर रहे हैं और उसके एवज में घूस भी ले रहे हैं। छानबीन हुई तो सारा पोल खुल गया। इस मामले में हुसैनगंज के ललित कुमार, हरिनगर दुगांवा के अनिल बाजपे;h और कल्याणपुर के शहबाज अली को गिरफ्तार किया गया। 

मौके पर ही भरते थे फार्म
ठग ललित के मुताबिक पटरी दुकानदारों को शक न हो इसलिए लैपटाप पर ही पटरी दुकानदार के सामने फार्म भरवाते थे। साथ ही उन्हें दस दिन के अंदर लोन की रकम खाते में जमा होने की बात कहते।

पीएम ने किया था शुभारंभ
पटरी दुकानदारों के लिए कोरोना को देखते हुए केंद्र सरकार ने छोटे व्यापारियों की मदद के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की थी। जिसमें आवेदन करने पर दस हजार तक का लोन दिया जाता है। जिसका पीएम ने खुद शुभारंभ किया था। इसका ऑन लाइन फार्म भरने के बाद डूडा सत्यापन के बाद जरूरत मंद का चुनाव कर लोन की प्रक्रिया पूरी करती है। नगर निगम की तरफ से फार्म नहीं भरवाया जाता है।

ऐसे कर सकते हैं आवेदन
अगर आप पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोन लेना चाहते हैं तो किसी ठग के जाल में न फंसिए। ये पूरा प्रॉसेस ऑनलाइन है। इसके लिए आपको पीएम स्वनिधि पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फार्म भरना होता है। उसके लिए सब्जी, फल, तैयार स्ट्रीट फूड, चाय, पकौड़े, जूते चप्पल, शिल्प, किताबें आदि जिनकी बिक्री सड़क किनारे चिन्हित स्थान पर की जा सके। ऐसे काम से जुड़े लोग इसको अप्लाई कर सकते हैं।
प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना के तहत नगर विकास विभाग लोन दिलवाने का काम करता है। लखनऊ में अब तक करीब 65 हजार लोगों ने अप्लाई किया है। इसमें से 35 हजार लोगों को लोन मिल गया है। यूपी के 16 नगर निगम की भूमिका इसमें सबसे बड़ी है

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