सिम से लेकर टावर तक के नियम बदले, टेलीकॉम कंपनियों के लिए सरकार का बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting Decision) में बड़ा फैसला हुआ है. टेलीकॉम सेक्टर (Telecom Sector Package Approved) के लिए राहत पैकेज मंजूर हो गया है.

साथ ही, ऑटो और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर के लिए भी पीएलआई स्कीम को मंजूरी मिल गई है. इसके अलावा ड्रोन के लिए भी पीएलआई स्कीम को मंजूरी मिल गई है. जीडीपी में ऑटो क्षेत्र की हिस्सेदारी 12 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य है, जो अभी 7.1 फीसदी है.

(1) ऑटो के लिए PLI को मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि ऑटो सेक्टर के लिए PLI स्कीम को मंजूरी मिल गई है. ऑटो उद्योग, ऑटो कंपोनेंट, ड्रोन इंडस्ट्री के लिए PLI स्कीम सरकार लेकर 26058 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इससे एडवांस ऑटोमोबाइल सेक्टर को बूस्ट मिलेगा. 7 लाख 7 हज़ार लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके अलावा विदेशी निवेश बढ़ेगा.

ऑटो सेक्टर का जीडीपी में अहम योगदान है. जीडीपी में ऑटो क्षेत्र की हिस्सेदारी 12 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य है, जो अभी 7.1 फीसदी है.

इसीलिए स्थानीय बाजार के लिए PLI स्कीम को लाया गया है. इससे भारत ग्लोबल प्लेयर बनेगा. विदेशों से जो कंपोनेंट आते हैं उसे हम भारत मे ही निर्माण कर सके. PLI स्कीम से आयात को कम करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने बताया कि 5 वर्ष चयनित कंपनियों को निवेश करना होगा. निवेश की सीमा अलग अलग है. ये इंसेंटिव पांच वर्ष तक मिलेगा.

बदल जाएंगे सिम कार्ड के नियम- सारे फॉर्म को वेअरहाउसेस में है, वो डिजिटाइज होंगे. सिम लेते वक्त जितने भी कागज देने पड़ते थे वो वेअरहाउस में थे. उन्हें डिजिटाइज किए जाएंगे. KYC अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी. टावर सेटअप करने का प्रॉसेस में कई विभागों के अप्रूवल लगते थे. अब सेल्फ अप्रूवल से काम चल जाएगा. अब एक ही पोर्टल DOT से अप्रूवल मिल जाएगा. लाइसेंस राज आज से खत्म कर दिया गया है.

(2) टेलीकॉम सेक्टर के लिए राहत पैकेज को मंजूरी

अनुराग ठाकुर ने बताया कि टेलीकॉम कंपनियों को राहत देने के लिए पैकेज की घोषणा की गई है. टेलीकॉम सेक्टर में अब 100 फ़ीसदी ऑटोमेटिक रूट से निवेश किया जा सकेगा. टेलीकॉम शेयरिंग में कोई बंधन न हो इसके लिए स्पेक्ट्रम शेयरिंग को पूरी तरह अलाउ किया गया है.

टेलीकॉम सेक्टर में अभी जितने भी ड्यूज हैं, जितनी भी कंपनियों पर ड्यूज हैं. उनके लिए 4 साल का मोरोटोरियम अप्रूव हुआ है. मोरोटोरियम अमाउंट पर ड्यूज देना होगा. MCLR रेट+2 फीसदी है. बैंक्स की बैलेंस सीट में टेलीकॉम सेक्टर से रिलेटेड जो भी एक्सपोजर था, वो कम हो जाएगा.

इस खबर के बाद टेलीकॉम शेयरों में तेज उछाल आया है. आज के सत्र में भारतीय एयरटेल ने तो रिकॉर्ड तेजी दिखाए हुआ अपना हाई बनाया है. भारती एयरटेल का शेयर आज के दिन खबर लिखे जाने तक 732.80 रुपए प्रति शेयर का लेवल छू चुका है.

पिछले पांच दिन में भी भारतीय एयरटेल का शेयर 45 रुपए से ज्यादा की तेजी दिखा चुका है. इधर, टेलीकॉम सेक्टर में राहत पैकेज की खबर से सबसे ज्यादा असर वोडाफोन-आइडिया के शेयर में देखने को मिल रहा है.

करीब शेयर मार्केट में कारोबार के दौरान करीब एक बजे वोडा का शेयर 9 रुपए 30 पैसे के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. वहीं पिछले एक महीने में वोडाफोन आइडिया के शेयर में 50.42 परसेंट की तेजी आ चुकी है.

(3) ड्रोन के लिए PLI स्कीम को मंजूरी

ड्रोन के मामले में भारत आज बराबरी में खड़ा है. आज टर्न ओवर 80 करोड़ है लेकिन राहत 120 करोड़ की है.ड्रोन नई फील्ड हैं. इसमें स्टार्टअप और MSME होंगी. जो भी इंडियन स्टार्टअप हैं, वो ड्रोन के लिए सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपए और कंपोनेंट के लिए 0.5 करोड़ रुपए का रहेगा. इस पर इन कंपनियों को इंसेटिव मिलेगा. ड्रोन और उससे कंपोनेंट से जुड़े कामों के लिए सरकार ने 120 करोड़ रुपए की PLI यानी इंसेटिव स्कीम पेश की है.

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