बाल यौन शोषण मामलों में 14 राज्यों की 77 जगह पड़े सीबीआई के छापे, 100 देशों से तार जुड़े होने की संभावना

CBI Raids: ऑनलाइन बाल यौन शोषण के मामलों में सीबीआई ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए 83 आरोपियों के खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज किए और आज देश के 14 राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ 77 जगहों पर छापेमारी की.

सीबीआई ने सभी मामले एक साथ बाल दिवस के दिन यानी 14 नवंबर को दर्ज किए थे. इस छापेमारी के दौरान अनेक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि बरामद हुए हैं. इन आरोपियों के तार 100 देशों से जुड़े हो सकते हैं और इनकी अब तक की जांच के दौरान 50 से ज्यादा ग्रुप पाए गए हैं. ऐसे मामलों में सीबीआई के इतिहास में यह सबसे बड़ी कार्रवाई है. सीबीआई ने इस मामले में अब तक कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है. सीबीआई टीम को उड़ीसा में एक संदिग्ध के घर छापेमारी के दौरान विरोध का भी सामना करना पड़ा. छापेमारी का यह दौर बुधवार को भी जारी रहेगा.

सीबीआई प्रवक्ता आर सी जोशी के मुताबिक यह छापेमारी दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के जालौन, मऊ, चंदौली, बनारस, गाजीपुर, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद, नोएडा, झांसी, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर. गुजरात के जूनागढ़, भावनगर, जामनगर, पंजाब के संगरूर, मलेरकोटला, होशियारपुर, पटियाला. बिहार के पटना, सिवान. हरियाणा के यमुनानगर, पानीपत, सिरसा, हिसार. ओडिशा के भद्रक, जाजपुर, ढेंनकनाल, राजस्थान के अजमेर, झुंझुनू, जयपुर, नागौर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर. महाराष्ट्र के जालौन, सलवाड, धुले, हिमाचल प्रदेश, के सोलन समिति. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ में भी मारे गए.

सीबीआई के मुताबिक बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण के मामलों में यह देखा गया था कि हर साल बहुत सारे बच्चों को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से यही स्थिति बेहद भयानक हो जाती है. सीबीआई ने चित्रकूट मामले की जांच के दौरान यह पाया था कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तार विदेशों से जुड़ने के बाद लोगों का लालच और बढ़ जाता है. साथ ही स्थिति धीरे-धीरे बेहद गंभीर होती चली जाती है. ध्यान रहे कि सीबीआई ने चित्रकूट के बाल यौन शोषण कांड में उत्तर प्रदेश जल निगम के एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया था.

सीबीआई ने ऐसे मामलों की जांच के लिए अपनी एक विशेष यूनिट भी बनाई हुई है. इस यूनिट ने ऐसे मामलों पर गंभीरता से निगाह रखी और धीरे-धीरे उनकी तह तक पहुंचने लगी. सीबीआई को पता चला कि ऐसे लगभग 50 से ज्यादा ग्रुप हैं, जिससे 5000 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं और इस ग्रुप के तार लगभग 100 देशों के नागरिकों से जुड़े हुए हैं. जो किसी ना किसी रूप में इस अपराध में शामिल हो सकते हैं. लिहाजा सीबीआई ने सारे मामलों की गंभीरता से आरंभिक जांच की और जांच के दौरान 80 से ज्यादा लोगों के इस मामले में शामिल होने के साक्ष्य मिले तो सीबीआई ने 14 नवंबर को यानी बाल दिवस के दिन 83 लोगों के खिलाफ 23 अलग-अलग मामले दर्ज किए और इसके फौरन बाद पूरे देश में एक साथ छापेमारी कर दी.

अब तक की जांच के दौरान पता चला है यह ग्रुप सोशल मीडिया समूहों /प्लेटफार्म और तीसरे पक्ष के होस्टिंग प्लेटफार्म पर लिंक /वीडियो /चित्र /पोस्ट आदि के जरिए बाल यौन शोषण का प्रसार कर रहे थे. सीबीआई के आला अधिकारी के मुताबिक अब तक की छापेमारी के दौरान अनेक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मोबाइल लैपटॉप आदि बरामद किए गए हैं.

सीबीआई ने आज की छापेमारी के दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है. माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य मिलने पर इनमें से कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है. सीबीआई इस मामले में विदेशी नागरिकों की धरपकड़ और उनकी इस मामले में संलिप्तता की जांच के लिए इंटरपोल के जरिए इन देशों से भी शीघ्र संपर्क करेगी. सीबीआई की छापेमारी लगातार जारी है.

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